दिग्विजय ने सुसाइड नोट में लिखा – बेटी को देखने के लिए तरसीं आंखें

दिग्विजय ने सुसाइड नोट में लिखा – बेटी को देखने के लिए तरसीं आंखें

Doorbeen News Desk: सुसाइड नोट में दिग्विजय ने लिखा है कि उसने कई बार अपनी पत्नी को समझाने का प्रयास किया। उसने कई बार अपनी पत्नी और ससुर को फोन किया कि वह एक बार उसे अपनी चार माह की पुत्री को मोबाइल पर ही दिखा दे परंतु उन लोगों ने कभी ऐसा नहीं किया और हर बार गाली-गलौज के साथ उसकी भावना को नजर अंदाज कर दिया।

सुसाइड नोट में लिखा है कि परिवार के लोगों से आग्रह है कि हमारी चार माह की बेटी को हमारा छोटा भाई अमित उसका पालन पोषण करे। उसे पढ़ाए और उसकी शादी कर दे। अमित अभी अविवाहित है और वह भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है। उसने अपनी मां पूनम देवी, पिता, भाई एवं मित्रों से माफी मांगते हुए लिखा है कि हम अच्छे नहीं रह पाए। सब लोग हमें माफ कर दीजिएगा।

इमोशनल ब्लैकमेलिंग कर राधिका ने की थी दिग्विजय से शादी: पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग दो वर्ष पूर्व दिग्विजय की शादी राधिका से तय हुई परंतु कुछ दिनों के बाद परिवार के लोगों को कुछ अन्य जानकारियां मिली, जिसके कारण वहां शादी कैंसिल कर दूसरी जगह शादी तय कर दी गई। शादी कैंसिल होने के बाद राधिका ने स्वयं लगातार दिग्विजय से मोबाइल पर बात करने की शुरुआत कर दी और अक्सर उससे कहती रही कि अगर तुम मुझसे शादी नहीं करोगे तो मैं सुसाइड कर लूंगी।
उसकी बातों में आकर दिग्विजय ने परिवार लोगों को बताए बगैर उसे समस्तीपुर बुला लिया और समस्तीपुर से उसे साथ लेकर अपने घर चला आया। राधिका और दिग्विजय के घर आ जाने के बाद परिवार के लोगों ने सहर्ष उनके संबंधों को स्वीकार कर लिया। बाद में सामाजिक रूप देने के लिए विद्यापति धाम मंदिर में दोनों की विधिवत शादी की रस्में पूरी कराई गई।
दिग्विजय ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह राधिका के इमोशनल ब्लैकमेलिंग को समझ नहीं सका, जिसका उसे आज बहुत पछतावा हो रहा है। इस घटना के बाद दिग्विजय की मां, भाई, बहन एवं पिता का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। दिग्विजय की मौत के बाद पटोरी बाजार में मातम पसरा हुआ है।

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