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वेल्लोर में थैलेसीमिया पीड़ितों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट होगा
Doorbeen News Desk: थैलेसीमिया (मेजर) पीड़ित सात बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) में होगा।
जिन बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट होगा उनमें मधुबनी, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, वैशाली, सीतामढ़ी, खगड़िया एवं पूर्वी चंपारण का एक-एक बच्चा शामिल है। इन्हें मंगलवार को वेल्लोर रवाना किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। इलाज के रवाना किए गए यह थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का सातवां बैच है। इससे पूर्व अलग-अलग चरणों में कुल 26 बच्चों का सफलतापूर्वक बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराया जा चुका है। राज्य में छह एकीकृत डे-केयर केंद्रों की स्थापना की गई है,
जहां थैलेसीमिया मरीजों को जांच सुविधा, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, आयरन चेलेटिंग दवाएं, एंटी हेमोफिलिक फैक्टर (एएचएफ) ट्रांसफ्यूजन सहित आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कहा कि 12 वर्ष से कम आयु के योग्य बच्चों के लिए संचालित मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना के तहत सरकार ने क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर से समझौता किया है।


इस योजना के अंतर्गत ऐसे चयनित बच्चों जिनका भाई या बहन से एचएलए (ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन) मैच करता है, उनका सीएमसी वेल्लोर में निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराया जाता है।
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं संपूर्ण उपचार प्रक्रिया पर राज्य सरकार प्रति मरीज लगभग 15 लाख रुपये व्यय करती है। इस राशि में मरीज, डोनर एवं माता-पिता की हवाई यात्रा, अस्पताल में उपचार, वेल्लोर में आवास, भोजन सहित अन्य आवश्यक खर्च शामिल है।






