समस्तीपुर में पत्नी व ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग युवक ने फंदा लगा दी जान

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समस्तीपुर में पत्नी व ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग युवक ने फंदा लगा दी जान

Doorbeen News Desk: पत्नी व ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर शहर के स्टेशन चौक निवासी सेवानिवृत्त पंचायत सचिव मिथिलेश सिंह के पुत्र दिग्विजय उर्फ गोलू (31) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

मौत से पूर्व उसने चार पन्ने का सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें उसने पूरी व्यथा लिखते हुए इस घटना के लिए अपनी पत्नी राधिका ,सास मंजू देवी, ससुर सुजीत सिंह, साला अभिषेक सोनू एवं पत्नी की बड़ी बहन नेहा को आरोपित किया है।

घटना की सूचना मिलने पर पटोरी थाना की अपर थानाध्यक्ष अंशु, पीएसआई रजनीश कुमार, एएसआई धर्मेंद्र कुमार घटनास्थल पहुंचे व मामले की जानकारी लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर भेज दिया। एफएसएल की टीम में ने भी घटनास्थल पहुंचकर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 2 वर्ष पूर्व दिग्विजय की शादी कटिहार जिले के कोढ़ा क्षेत्र के बिंजी गांव निवासी सुजीत की पुत्री राधिका कुमारी के साथ हुई थी।

शादी के वक्त दिग्विजय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। घर की आर्थिक स्थिति काफी सुदृढ़ थी। सेवानिवृत्ति के बाद मिथिलेश सिंह अपने घर पर ही तेल-मसाले की फैक्ट्री बैठा ली थी, जिसमें दिग्विजय भी सहयोग करता था। शादी के बाद से ही राधिका और उसके पिता लगातार दिग्विजय पर नौकरी करने का दबाव बना रहे थे।

वे दोनों अक्सर यह कहकर प्रताड़ित करते थे कि जब तक नौकरी नहीं लगेगी तब तक हमारी बेटी तुम्हारे पास नहीं रहेगी। इस बात को लेकर अक्सर दिग्विजय एवं ससुराल वालों के बीच मोबाइल पर विवाद हुआ करता था। विरोध करने पर उसे एवं परिवार के अन्य सदस्यों को अक्सर दहेज प्रताड़ना में जेल भेज देने की धमकी भी दिया करता था । बीते 20 नवंबर को दिग्विजय के ससुर सुजीत सिंह, एयर फोर्स में कार्यरत साला अभिषेक सोनू , दस अन्य लोगों एवं पटोरी पुलिस के साथ पटोरी आए और घर में घुसकर बातबाती तथा मारपीट की।

इस घटना के बाद वे लोग अपने साथ दिग्विजय की पत्नी राधिका एवं चार माह की बेटी को साथ लेकर कोढ़ा चले गए। पत्नी एवं बेटी के चले जाने के बाद दिग्विजय लगातार तनाव में रहने लगा। इस घटना की पूरी चर्चा उसने अपने सुसाइड नोट में की है। उसने लिखा है कि उसकी पत्नी अक्सर यह कहकर उसे परेशान करती थी कि मेरी अन्य सहेलियों के पति नौकरी करते हैं, इसलिए वह भी नौकरी करे। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में भी अक्सर विवाद रहा करता था।

उसने लिखा है कि उसके ससुराल पक्ष के लोगों में सबसे अधिक राधिका की बड़ी बहन नेहा उसे इस प्रकार के उत्पात के लिए उकसाती थी और उसके बहकावे में आकर राधिका हमेशा विवाद करती थी। पटोरी पुलिस के अधिकारियों ने जब इस घटना की जानकारी दिग्विजय के ससुर सुजीत सिंह को दी तो उन्होंने मोबाइल पर सिर्फ इतना ही कहा कि हमने इसकी उम्मीद नहीं की थी। हमने तो सिर्फ इसलिए ऐसा किया था ताकि हमारे दामाद में सुधार हो सके और वह नौकरी करे।

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