पांच वर्ष से कम आयु वाले बच्चों में निमोनिया के लक्षण का सर्वे होगा

व्हाट्सएप से जुडने के लिए यहां क्लीक करें

पांच वर्ष से कम आयु वाले बच्चों में निमोनिया के लक्षण का सर्वे होगा

Doorbeen News Desk: राज्य के हर घर के बच्चों में निमोनिया के लक्षण का सर्वे होगा। विशेष कर पांच वर्ष से कम आयु वाले बच्चों में इस रोग के लक्षण और जोखिम वाले कारकों के इतिहास की जांच होगी। आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता घरों में जाकर निमोनिया के जोखिम वाले कारकों का अवलोगन भी करेंगे।

लोगों को निमोनिया से बचाव तथा साफ-सफाई और स्वच्छता आदि के प्रति जागरूक करेंगे। ताकि इस बीमारी से बच्चों को बचाया जा सके। इस दौरान प्रदूषण के खतरे से भी लोगों को अवगत कराया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति ने इसको लेकर सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किया है।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण : इसको लेकर पटना, गया और मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अन्य जिलों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इसमें बताया जा रहा है कि घरों में अथवा समुदाय के स्तर पर जाकर उन्हें कौन-कौन सी जानकारी लेनी है और उसकी रिपोर्ट कैसे तैयार होगी।

इस दौरान मुख्य रूप से स्वास्थ्य कर्मी देखेंगे कि घर में खाना बनाने के लिए कोयला और लकड़ी आदि का उपयोग तो नहीं हो रहा है। अगर हो रहा है तो धुएं की निकासी के क्या प्रबंध हैं। बच्चों को उससे कैसे बचाना है। घर के अंदर या समीप में कोई धूम्रपान तो नहीं करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *