बिहार में फिर बिजली संकट, बिहार को दो दिनों से केंद्रीय सेक्टर से कम मिल रही है बिजली

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पटना। बीते दो दिनों से बिहार को केंद्रीय सेक्टर से कम बिजली मिल रही है। रविवार को केंद्रीय सेक्टर से दो हजार मेगावाट कम बिजली मिली। इस कारण पटना सहित राज्यभर में बिजली संकट कायम रही। राज्य में तीन दर्जन से अधिक ग्रिडों को प्रतिबंधित कर चलाया गया। सैकड़ों फीडर को बारी-बारी से बिजली आपूर्ति की गई। इस कारण पटना सहित राज्य के सभी जिले में बिजली की जमकर लोडशेडिंग हुई। आठ से दस घंटे तक बिजली कटौती हुई। छुट्टी के दिन बिजली कटौती से लोग परेशान रहे।

जानकारी के अनुसार एनटीपीसी से बिहार को 6232 मेगावाट आवंटित है। लेकिन, 10 बिजली घरों का संचालन तकनीकी खराबी के कारण या तो नहीं हुआ या उससे कम बिजली मिली। एनटीपीसी से बिहार को बमुश्किल चार हजार मेगावाट ही बिजली मिली। जरूरत से दो हजार मेगावाट कम बिजली मिलने के कारण पटना सहित सभी जिले में लोडशेडिंग की गई। कंपनी अधिकारियों के अनुसार राज्य के 40 ग्रिड को प्रतिबंधित कर दिया गया। दो सौ से अधिक फीडर को बारी-बारी से बिजली आपूर्ति की गई।

कम बिजली मिलने के कारण शहरी क्षेत्रों में बमुश्किल 18 घंटे बिजली आपूर्ति हुई। लेकिन, अर्द्धशहरी व ग्रामीण इलाकों में 14-16 घंटे ही बिजली आपूर्ति हुई। हालांकि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए कृषि फीडर को 16 घंटे बिजली दी गई। कम बिजली मिलने के कारण बिजली कंपनी ने खुले बाजार से बिजली खरीदारी की कोशिश की पर सफलता हाथ नहीं लगी। अधिक बोली लगाने के बावजूद कंपनी को खुले बाजार से पर्याप्त बिजली नहीं मिल सकी।

बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार के अनुसार कम बिजली मिलने के कारण बिजली आपूर्ति पर असर हो रहा है। ग्रिडों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जब तक पूरी बिजली नहीं मिलेगी, आपूर्ति में परेशानी हो सकती है। वही एनटीपीसी प्रवक्ता विश्वनाथ चंदन की मानें तो बिहार को मांग के अनुसार भरपूर बिजली दी जा रही है। तकनीकी खराबी के कारण कुछ यूनिट बंद हुई हैं जिसे चालू करने की पूरी कोशिश की जा रही है। आज-कल में ये चालू हो जाएंगी।

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