कोर्ट की सुरक्षा में चूक, एसपी ने माना मुख्य गेट होता बन्द और सुरक्षा कर्मी होते ततपड़ पकड़े जाते अपराधी

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समस्तीपुर। कोर्ट परिसर का मुख्य गेट खुला होना कहीं ना कहीं सुरक्षा में चूक माना जा रहा है। अगर गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी समय पर गेट बंद कर देता या फिर गेट बंद रहता तो शायद सभी बदमाश पकड़ में आ जाता। प्रत्यदर्शियों की मानें तो घटना को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश पैदल ही भाग निकला, लेकिन गेट पर तैनात कोई पुलिस कर्मी उसे पकड़ने का प्रयास नहीं किया। हालांकि गेट के खुला होने एवं वहां पर सुरक्षा कर्मियों की चूक को एसपी ने भी स्वीकार किया है। साथ ही इस मामले की जांच कराने की भी बात कही है। उन्होंने भी कहा कि मुख्य किट अगर बंद कर दिया जाता तो सभी अपराधी पकड़ में आ जाते हैं मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी ने तत्परता नहीं दिखाई। एसपी ने बताया कि पैदल ही अपराधी आए थे और पैदल ही भागे हैं। गेट पर कुछ सुरक्षा में कमी पायी गयी है। अगर ससमय गेट को बंद कर दिया जाता तो अपराधी भागने में सफल नहीं हो पाते। लगभग 30 से 40 फीट पैदल चले हैं। गेट पर तैनात पुलिस कर्मी ने तत्परता नहीं दिखायी, जिसके कारण अपराधी फरार हो गया। अगर तत्परता दिखायी जाती तो यह घटना नहीं होती। इस मामले की जांच सदर डीएसपी कर रहें।

विदित होकर शनिवार की दोपहर समस्तीपुर कोर्ट परिसर में चार बेखौफ बदमाशों ने गोलीबारी की थी। इस दौरान शराब मामले में पेशी को आए कल्याणपुर के प्रभात चौधरी को टारगेट करते हुए गोली चलाई गई थी। जिसमें बंदी प्रभात चौधरी के जांघ में गोली लगी, जबकि उसके साथ अन्य बंदी प्रभात तिवारी के दाहिने हाथ में गोली लगी थी। समस्तीपुर कोर्ट परिसर में गोलीबारी की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी गोलीबारी की घटना हो चुकी है। कुछ वर्ष पहले परिवार न्यायालय परिसर में भी पेशी के दौरान ही एक बंदी को निशाना बनाया गया। स्थानीय अधिवक्ताओं ने कहा कि इससे पूर्व तीन बार कोर्ट परिसर में गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी है। हर घटना के बाद सुरक्षा चुस्तदुरुस्त करने का दावा किया जाता है। लेकिन कुछ ही दिन के बाद स्थिति पूर्ववत हो जाती है।

एसपी विनय तिवारी ने बताया कि प्रभात चौधरी शराब का बड़ा धंधेबाज था। एसटीएफ की मदद से उसे पकड़ा गया था। चार अपराधियों ने प्रभात चौधरी को कोर्ट परिसर में टारगेट करते हुए गोली मारी है। पैर में गोली लगी है। दो बंदी को गोली लगी है। किसी पुलिस कर्मी को कोई गोली नहीं लगी है। उसने बचाने का प्रयास किया है। एसपी ने बताया कि शराब धंधे के गिरोह में शामिल बदमाशों ने ही यह घटना को अंजाम दिया है, जैसा की अब तक की जांच में जानकारी मिली है। जिसकी पहचान की जा रही है। शराब सिंडीकेट के कारण ही गोली लगी है। छापेमारी की जा रही है।

एसपी विनय तिवारी ने बताया कि कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए तरीके से प्लानिंग की जा रही है। कोर्ट कैंपस में बदलाव किया जा रहा है। इसको लेकर न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं से भी बातचीत हुई है। सुरक्षा को लेकर अधिक बलों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। कोर्ट की सुरक्षा को लेकर जो भी उपाय किए जाने हैं, करेंगे। सात दिनों के अंदर सभी बदलाव कर दिया जाएगा।

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