समस्तीपुर/खानपुर। समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड में पीरकपुर घाट पर बूढ़ी गंडक नदी में स्नान करने के छह लोग डूब गए। हालांकि इस दौरान पांच लोगों को सकुशल बचा लिया गया, जबकि एक युवक की पानी में डूबने से मौत हो गयी। काफी मशक्कत के बाद युवक के शव को पानी से बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान खानपुर दक्षिणी पंचायत के उदयपुर कॉलोनी निवासी संजय कुमार वर्मा के 18 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार वर्मा के रुप में की गयी। घटना की सूचना गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया।

वहीं घटना की सूचना पर पहुंची खानपुर पुलिस ने शव को जब्त करते हुए पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया। गांव में घटना की सूचना मिलते ही मातम पसर गया। वहीं परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल है।

मिली जानकारी के अनुसार उदयपुर कॉलोनी गांव में एक वृद्ध महिला की मौत हो गई थी। जिसके बाद गांव के दर्जनों लोग शव को लेकर दाह-संस्कार के लिए बूढ़ी गंडक नदी के पिरकपुर घाट पर पहुंचे थे। दाह संस्कार के बाद सभी लोग नदी में स्नान करने लगे।

स्नान के बाद अधिकांश लोग बाहर निकल कपड़े बदल रहे थे। जबकि कुछ लोग पानी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान अधिक पानी में चले जाने के कारण लगभग छह लोग डूबने लगे। पानी में डूबने के कारण सभी हल्ला करने लगे। यह देख लोग फिर से नदी में कूद कर डूब रहे लोगों को बचाया।

इस दौरान पांच लोगों को पानी से बाहर निकाल कर बचा लिया गया। जबकि दीपक कुमार वर्मा अधिक पानी में जाने के कारण डूब गया। इसके बाद ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के दीपक को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक युवक की मौत हो गयी।

हालांकि स्थानीय लोगों ने उसे जिंदा समझकर दीपक को उल्टा कर पानी बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। दीपक की मौत नदी के पानी में ही हो चुकी थी। दाह संस्कार में शामिल लोगों ने बताया कि दीपक की मौत अधिक पानी में चले जाने के कारण हो गयी। स्नान करने के दौरान पैर फिसलने के कारण दीपक अधिक पानी में चला गया और उसकी मौत हो गयी।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और उदयपुर गांव में कोहराम मच गया। सब की जुबां पर यही था, हे भगवान ये सब क्या हो गया। मृतक के घरों पर लोगों की जहां भी जुटी थी, वहीं दूसरी ओर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। दीपक के शव से लिपट कर माता पिता रो रहे थे। रोते-रोत उनका हाल बुरा था। सांत्वाना दे रहे लोगों की आंख भी नम हो गयी थी।






