सुप्रीम कोर्ट का आदेश : अब दुष्कर्म पीड़िता के टू फिंगर टेस्ट पर लगी रोक, SP ने थानाध्यक्षों को दिया निर्देश

यहां क्लीक कर व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े

समस्तीपुर। अब दुष्कर्म पीड़िता को मेडिकल चेकअप के दौरान टू फिंगर टेस्ट की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में एडीजी कमजोर वर्ग ने सभी एसपी को यह आदेश लागू करने का सख्त निर्देश दिया है। इसके आलोक में समस्तीपुर एसपी विनय तिवारी एवं मुजफ्फरपुर रेल एसपी डॉ. कुमार आशीष ने सभी थानाध्यक्षों को इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने का सख्त आदेश दिया है।

कोर्ट के आदेश के अनुसार अब किसी भी हाल में दुष्कर्म से संबंधित कांडों में पीड़िता का मेडिकल चेकअप के दौरान टू फिंगर टेस्ट नहीं कराना है। रेल एसपी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के प्राप्त निर्देश के आलोक में एडीजी कमजोर वर्ग द्वारा भी आदेश जारी किया गया है। जिसके कारण सभी रेल थानाध्यक्षों को दुष्कर्म पीड़िता का टू फिंगर टेस्ट नहीं कराने का आदेश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई डॉक्टर ऐसा करते हैं तो संबंधित थानाध्यक्ष उनसे बात करेंगे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में उन्हें जानकारी देंगे। इस मामले में पीड़िता की सहमति के बावजूद टू फिंगर टेस्ट नहीं किया जाना है।

इधर, समस्तीपुर एसपी विनय तिवारी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश पूरे देश में मान्य  होता है। इसके आलोक में अब किसी भी दुष्कर्म पीड़िता का टू फिंगर टेस्ट नहीं होना है। इसको लेकर सभी थानाध्यक्षों को सख्ती से आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का आदेश दिया गया है।

बतादे की दुष्कर्म पीड़िता के मामले में मेडिकल चेकअप के दौरान पहले टू फिंगर टेस्ट होता था, लेकिन इसमें भी पीड़िता की सहमति जरुरी थी। इस संबंध में सदर अस्पताल की वरीय महिला चिकत्सिक डॉ. अदिति प्रियदर्शनी ने बताया कि आदेश का अनुपालन किया जा रहा है। अब किसी भी पीड़िता का टू फिंगर टेस्ट नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पूर्व में भी सहमति के बाद ही किया जाता था। अगर किसी भी प्रकार का इंज्यूरी पाया जाता है तो मरीज की जान के खातिर पहले इलाज को प्राथमिकता देना पड़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *