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समस्तीपुर। गर्मी का मौसम चरम पर है। भीषण गर्मी के कारण रेलयात्री काफी परेशान हैं, लेकिन समस्तीपुर रेल मंडल में रेल यात्रियों की सुविधा के लिए वाटर भेँडिंग मशीन अभी भी प्रक्रिया में उलझी हुई है। डीआरएम के आदेश के एक महीने बाद भी संवेदक के द्वारा इसे शुरू नहीं किया जा सका। जिसके कारण सस्ते दर पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की योजना अभी भी प्रक्रिया में हैं उलझी है।

जिसके कारण समस्तीपुर रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर वाटर वेंडिंग मशीन के अभाव में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जरूरत पड़ने पर यात्रियों को महंगे दर बोतलबंद पानी खरीद कर पीना पड़ता है।

हालांकि यात्रियों को कम दर पर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए एक महीने पूर्व ही वाटर वेंडिंग मशीन खोलने का सांवेदक को आदेश दिया गया था, लेकिन उसका अब तक पालन नहीं हो सका है।

मिली जानकारी के अनुसार रेल मंडल के 36 स्टेशनों पर यात्रियों को कम दर पर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए 84 वाटर वेंडिंग मशीन को स्टॉल करने की प्रक्रिया पिछले दो वर्षो से जारी है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक महीने पूर्व ही संवेदक का चयन करते हुए स्टेशनों पर मशीन को स्टॉल करने का आदेश दिया गया।

समस्तीपुर रेल मंडल में पहले आईआरसीटीसी के द्वारा स्टेशनों पर वाटर वेंडिंंग मशीन का संचालन किया जा रहा था। जहां यात्रियों को सुविधा को निर्धारित दर पर आरओ का पानी उपलब्ध कराया जाता था। लेकिन कोरोना शुरु होते ही ट्रेनों का परिचालन बंद होने के कारण वाटर वेंडिंंग मशीन स्टॉल सहित सभी स्टॉलों को बंद करना पड़ा।

बाद में अन्य स्टॉल तो खुला, लेकिन वाटर वेंडिंंग मशीन बंद ही रहा। जिसके कारण स्टॉल में लगे मशीन व अन्य यंत्र भी खराब हो गये। फिर आईआरसीटीसी द्वारा इसका संचालन करने से हाथ खड़ा कर लिया गया

डीआरएम आलोक अग्रवाल ने कहा कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर संवेदक को कार्यों में तेजी लाने का आदेश दिया गया है। यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। अलगे दस दिनों में सभी प्रमुख स्टेशनों पर शुरु करने का आदेश दिया गया है। ताकि यात्रियों को गर्मी में पानी को लेकर परेशान ना होना पड़े। इसको लेकर सीनियर डीसीएम को भी निर्देश दिया गया है।






