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समस्तीपुर। राज्य में कोरोना संक्रमण मामलें में वृद्धि को लेकर बिहार सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गई है। जिसको लेकर सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी के नेतृत्व में सिविल सर्जन अधतन जानकारी प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मी अपने-अपने स्तर से जुट गए हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अपर मुख्य सचिव व राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने राज्य के सभी जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन को कोरोना जांच में तेजी लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है वहीं संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन प्लांट को भी चुस्त दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण कर उसकी अद्गतन जानकारी प्राप्त करने के लिए कहा गया है।
क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक नजमुल होदा ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह की ओर से जारी निर्देश के आलोक में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। कोरोना संक्रमण से सुरक्षित एवं बचाव को लेकर सभी तरह की एहतियातन के तौर पर उसका पालन करना निहायत ही जरूरी है। क्योंकि स्वास्थ विभाग द्वारा बिहार में कोरोना मरीजों को बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल को पूरी तरह से तैयार करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल में इलाज़ कराने या किसी अन्य कार्यों को निष्पादित करने के लिए आए व्यक्तियों को बिना मास्क प्रवेश नहीं करने का निर्देश दिया गया है।

कोरोना संक्रमण की लहर को देखते हुए सिविल सर्जन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मियों को आरटीपीसीआर जांच बढ़ाने को लेकर स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सख़्ती के साथ निबटने के लिए कहा गया है। ताकि कोरोना संक्रमण को रोका जा सके। इसके लिए पीएसए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट और ऑक्सीजन से जुड़े हुए तमाम उपकरण एवं उपस्कर को तत्काल प्रभाव में दुरुस्त किया जाए। इसके लिए ज़िले के सभी अस्पताल प्रबंधक और टेक्निशियन के पास संबंधित एजेंसी के इंजीनियर का मोबाइल नंबर अधतन करने के लिए भी कहा गया है। ताकि अचानक तकनीकी गड़बड़ी होने की स्थिति से निबटने के लिए संबंधित इंजीनियर को सूचित किया जा सकें।

त्रीय स्वास्थ्य उपनिदेश डॉक्टर योगेंद्र कुमार महतो ने बताया कि राज्य के दिशा-निर्देश में जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। क्योंकि दूसरे राज्य से आने वाले यात्रियों को हर हाल में कोरोना जांच के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। कोरोना संक्रमण की लहर को रोकने के उद्देश्य से कोरोना जांच में तेजी लाने के लिए विभागीय स्तर पर दिए गए निर्देशों का पालन होना चाहिए। ताकि अधिक से अधिक व्यक्तियों की जांच कर संक्रमण को रोकने में ठोस उपाय किया जाए। इसके लिए चौक चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं सार्वजनिक क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों का आरटीपीसीआर जांच करने को लेकर बल दिया गया है।

1. अपर मुख्य सचिव और कार्यपालक निदेशक महोदय का स्पष्ट निर्देश है कि कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए सभी पीएसए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट और ऑक्सीजन से जुड़े हुए तमाम उपकरण उपस्कर को क्रियाशील अवस्था में रखा जाए।
2. सभी अस्पताल प्रबंधक और आईटीआई टेक्निशियन के पास संबंधित एजेंसी के इंजीनियर का मोबाइल नंबर है। कहीं भी तकनीकी गड़बड़ी होने पर इंजीनियर को तुरंत सूचित किया जाए और उसकी सूचना राज स्वास्थ्य समिति को भी दी जाय।

3. सिविल सर्जन औऱ जिला कार्यक्रम प्रबंधक कृपया सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं अस्पताल प्रबंधक को सूचित कर दें कि पीएसए प्लांट पर स्वयं जाकर अपनी उपस्थिति में भी पीएसए प्लांट्स को चलवा कर देख लें कि वह क्रियाशील अवस्था में है अथवा नहीं।
4. मेडिकल गैस पाइपलाइन को चालू अवस्था में रखा जाना है। इसके लिए उसे एक बार अपनी उपस्थिति में बेड तक जाकर देख ले।
5. मेडिकल ऑक्सीजन गैस पाइपलाइन की चोरी होने पर स्पष्ट रूप से अस्पताल प्रबंधन की इसकी जिम्मेदारी होगी।
6. अस्पताल में कार्यरत सुरक्षा गार्ड्स के सेवा प्रदाता एजेंसी को इस संबंध में ताकीद कर दें और सुरक्षा करने को कहे।





