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Doorbeen News Desk: पटना। बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 38 लाख विद्यार्थियों का आधार कार्ड शिक्षा विभाग के डेटाबेस में उपलब्ध नहीं है। इससे छात्रों के रिकॉर्ड का सत्यापन, दोहरे नामांकन की पहचान और अपार (APAAR) कार्ड बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
शिक्षा विभाग के अनुसार राज्य में कुल 1.84 करोड़ छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इनमें 1,47,53,759 विद्यार्थी सरकारी और 32,93,421 निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। हालांकि विभाग के पास केवल 1.45 करोड़ छात्रों का ही सत्यापित आधार रिकॉर्ड उपलब्ध है।



बिहार शिक्षा परियोजना का मानना है कि जिन छात्रों का आधार विवरण उपलब्ध नहीं है, उनमें बड़ी संख्या का आधार कार्ड अभी तक बना ही नहीं है। इसी कारण उनका अपार कार्ड भी नहीं बन पा रहा है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, सरकारी स्कूलों में सत्यापित आधार वाले 94.36% छात्रों का अपार कार्ड तैयार हो चुका है, जबकि निजी स्कूलों में यह आंकड़ा 80.04% है। राज्य में कुल नामांकित विद्यार्थियों में अब तक लगभग 72.94% छात्रों का ही अपार कार्ड बन सका है।
शिक्षा विभाग ने स्कूलों और अभिभावकों से अपील की है कि जिन बच्चों का आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है या उसकी जानकारी स्कूल में जमा नहीं की गई है, वे जल्द यह प्रक्रिया पूरी कराएं, ताकि विद्यार्थियों को भविष्य में मिलने वाली शैक्षणिक सुविधाओं और डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सके।



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