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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। समस्तीपुर कॉलेज के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के तत्वावधान में शुक्रवार को कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार शशि ने की, जबकि संयोजन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. महेश कुमार चौधरी ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई। इसके बाद प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। अतिथियों का स्वागत मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग, चादर, पुष्पमाला और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।


अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार शशि ने कहा कि प्रेमचंद हिंदी साहित्य के महान साहित्यकार थे, जिन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में व्याप्त शोषण, सामंतवाद और सामाजिक विषमताओं के खिलाफ आवाज उठाई। उनकी रचनाएं भारतीय समाज और जनजीवन का सजीव चित्र प्रस्तुत करती हैं।
मुख्य वक्ता के रूप में अयोध्या प्रसाद सिंह स्मारक महाविद्यालय, बरौनी के हिंदी विभाग के वरीय सहायक प्राध्यापक डॉ. नंद किशोर पंडित ने प्रेमचंद के साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका कथा साहित्य जातिगत भेदभाव, वर्ग संघर्ष, स्त्री अस्मिता, आर्थिक विषमता और सामाजिक अन्याय जैसे मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी सामाजिक समानता और मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देता है।


हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. महेश कुमार चौधरी ने कहा कि प्रेमचंद ने जनजीवन से जुड़े मुद्दों को जिस संवेदनशीलता से अपनी रचनाओं में स्थान दिया, वह हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है। वहीं डॉ. एस.एम.ए.एस. रजी, डॉ. अनिल कुमार सिंह, इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. दयानंद मेहता और डॉ. दिनेश्वर राय सहित अन्य वक्ताओं ने भी प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।
संगोष्ठी के दौरान छात्र-छात्राओं के बीच आयोजित विचार प्रस्तुति प्रतियोगिता में निखिल कुमार ने प्रथम, श्याम कुमार ने द्वितीय तथा नीतीश कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रधानाचार्य द्वारा मेडल देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन राम कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रौशन कुमार ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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