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Doorbeen News Desk: पटना। मानसून के दौरान जलभराव और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बिहार में डेंगू और मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद सभी सरकारी अस्पतालों को अलग वार्ड, पर्याप्त बेड, दवाइयों और जांच किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में इस वर्ष अब तक 65 डेंगू मरीज मिल चुके हैं। विभाग ने बताया कि अगस्त से नवंबर तक डेंगू का खतरा सबसे अधिक रहता है, जबकि बरसात में मलेरिया के मामलों में भी वृद्धि होती है।
छह जिले सबसे संवेदनशील
डेंगू के लिहाज से पटना, भागलपुर, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, गया और बेगूसराय को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। इन जिलों में विशेष निगरानी, लार्वा सर्वे, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव तेज कर दिया गया है। जुलाई को ‘एंटी-डेंगू माह’ के रूप में मनाते हुए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
पीएमसीएच में 20 बेड का विशेष वार्ड
पीएमसीएच के राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक में 20 बेड का विशेष डेंगू वार्ड तैयार किया गया है। प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है। मरीजों की देखभाल के लिए 24 घंटे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। वहीं, नए रेडियोलॉजी भवन में डेंगू की आधुनिक जांच सुविधा भी शुरू की गई है।
राज्यभर में 318 फॉगिंग मशीनें सक्रिय
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पूरे बिहार में 318 फॉगिंग मशीनें नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। सभी जिलों के सिविल सर्जनों को फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लोगों के लिए सलाह
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- मच्छरदानी और मच्छररोधी उपाय अपनाएं।
- तेज बुखार, शरीर दर्द या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।



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