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Samastipur News: सिंघिया प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री महाविद्यालय के अस्थायी संचालन स्थल के पुनर्विचार की मांग को लेकर मंगलवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक शांतिपूर्ण धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों तथा विभिन्न गांवों से पहुंचे नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी दर्ज कराई। धरना के दौरान पूरे परिसर में शैक्षणिक अधिकार, समान अवसर एवं निष्पक्ष निर्णय की मांग को लेकर लोगों ने अपनी आवाज बुलंद की।
धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी गांव, समुदाय अथवा व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं है, बल्कि पूरे सिंघिया प्रखंड के विद्यार्थियों के भविष्य, समान शैक्षणिक पहुंच और सार्वजनिक सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। वक्ताओं ने कहा कि डिग्री महाविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के अस्थायी संचालन स्थल का चयन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और छात्रहित को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।


कार्यक्रम के बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए प्रस्तावित महाविद्यालय के अस्थायी संचालन स्थल पर पुनर्विचार करने की मांग की। ज्ञापन में बसुआ एवं सिंघिया दोनों संभावित स्थलों का निष्पक्ष प्रशासनिक एवं तकनीकी मूल्यांकन कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि स्थल चयन की प्रक्रिया में सभी पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, पंचायत समिति सदस्यों एवं आम नागरिकों की राय को महत्व दिया जाए।
धरना में शामिल प्रतिनिधियों ने रोसड़ा अनुमंडल पदाधिकारी से मुलाकात कर मामले की गंभीरता से अवगत कराया। इस दौरान प्रशासन से आग्रह किया गया कि सिंघिया क्षेत्र के लोगों की चिंताओं को संवेदनशीलता एवं निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ सुना जाए, ताकि क्षेत्र में व्याप्त असंतोष और भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।


वक्ताओं ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से पर्याप्त संवाद और परामर्श नहीं होने के कारण लोगों में असंतोष बढ़ा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस विषय पर व्यापक स्तर पर जनसंवाद आयोजित कर सभी पक्षों की राय ली जाए। वक्ताओं ने बिहार सरकार की “प्रत्येक प्रखंड में डिग्री महाविद्यालय” योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर प्रदान करेगी।
हालांकि, महाविद्यालय के संचालन स्थल का चयन ऐसा होना चाहिए, जिससे प्रखंड के अधिकतम छात्र-छात्राओं को आवागमन एवं शैक्षणिक सुविधा का लाभ मिल सके।
धरना कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से जल्द सकारात्मक पहल करते हुए निष्पक्ष निर्णय लेने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य एवं क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिल सके।


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