स्क्रैप निस्तारण व कोच होल्डिंग में रिकॉर्ड वृद्धि, संसाधनों का बेहतर उपयोग, ECR में प्रथम स्थान, यात्री संतुष्टि में बड़ी बढ़त

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समस्तीपुर : समस्तीपुर मंडल के यांत्रिकी विभाग (कैरेज एवं वैगन) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं। विभाग द्वारा विभिन्न परिचालन, रखरखाव एवं यात्री सेवा के क्षेत्रों में प्रभावशाली सुधार दर्ज किया गया है।

सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, अनियोजित कोच डिटैचमेंट (Per 100 कोच होल्डिंग) में 144 से घटाकर 103 तक कमी लाई गई, जबकि सेकेंडरी कोच डिटैचमेंट में भी 54 से घटकर 45 तक सुधार हुआ। इससे ट्रेन संचालन की विश्वसनीयता एवं समयपालन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

इसी प्रकार, कोचों की अकार्यकुशलता (Ineffectiveness) में भी कमी दर्ज की गई है। एसी कोचों में यह 4.41 से घटकर 4.05 तथा नॉन-एसी कोचों में 2.24 से घटकर 1.76 हो गया है, जो रखरखाव की गुणवत्ता में सुधार को दर्शाता है।

स्क्रैप निस्तारण के क्षेत्र में भी मंडल ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फेरस स्क्रैप 44.67 मीट्रिक टन से बढ़कर 101.65 मीट्रिक टन तथा नॉन-फेरस स्क्रैप 2.15 से बढ़कर 5.94 मीट्रिक टन हुआ, जिससे राजस्व में वृद्धि एवं संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा मिला।

पिछले तीन वर्षों में प्राथमिक कोच होल्डिंग में निरंतर वृद्धि हुई है, जो 1084 से बढ़कर 1481 तक पहुँच गई है। यह मंडल की क्षमता विस्तार और बेहतर प्रबंधन का संकेत है।

रखरखाव कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जहाँ समान मानव संसाधन के साथ 1191 TODs (Train On Demand) एवं 174 खाली कोचिंग रेक्स का सफलतापूर्वक मेंटेनेंस किया गया। इसके अतिरिक्त, नेपाल के IDBR में 104 BLC रेक्स का फ्रेट परीक्षण भी किया गया।

रेल मदद (Rail Madad) प्रदर्शन के क्षेत्र में समस्तीपुर मंडल ने उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त की है। शिकायतों के निस्तारण समय (00:32 मिनट) एवं लंबित समय (00:17 मिनट) में *पूर्व मध्य रेल में प्रथम स्थान* प्राप्त हुआ। कुल 23398 शिकायतों में से 14028 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें 9306 उत्कृष्ट एवं 3605 संतोषजनक फीडबैक शामिल हैं। असंतोषजनक फीडबैक मात्र 7.96% रहा, *जिससे मंडल का स्थान भारतीय रेलवे में 10वाँ रहा* (पिछले वर्ष 15वाँ)।

इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा कई नवाचार एवं लागत बचत उपाय किए गए, जिनमें इन-हाउस उपकरण विकास, कोच मॉडिफिकेशन, वाटरिंग सिस्टम सुधार, फायर एक्सटिंगुइशर टेस्टिंग आदि शामिल हैं। इन पहलों से लगभग 70 लाख रुपये से अधिक की बचत का अनुमान है तथा कार्यक्षमता एवं सुरक्षा में वृद्धि हुई है।

समग्र रूप से, समस्तीपुर मंडल का यांत्रिकी (कैरेज एवं वैगन) विभाग वित्तीय वर्ष 2025-26 में संचालन, रखरखाव, नवाचार एवं यात्री सेवा के सभी प्रमुख क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय रेलवे में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहा है।

नियमित छात्राओं के लिए में पाठ्य पुस्तक आपूर्ति कराई गयी – Doorbeen News

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