मौसम के शुष्क रहने की संभावना, 18 से 22 तक अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस 

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मौसमीय बेधशाला पूसा के आकलन केअनुसार पिछले तीन दिनों का औसत अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमशः 34.6 एवं 19.9 डिग्री सेल्सियस रहा। औसत सापेक्ष आर्द्रता 85 प्रतिशत सुबह में एवं दोपहर में 55 प्रतिशत, हवा की औसत गति 6.4 कि०मी० प्रति घंटा एवं दैनिक वाष्पण 5.4 मि०मी० तथा सूर्य प्रकाश अवधि औसतन 5.6 घन्टा प्रति दिन रिकार्ड किया गया तथा 5से०मी० की गहराई पर भूमि का औसत तापमान सुबह में 26.1 एवं दोपहर में 35.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इस अवधि में मौसम शुष्क रहा।

मध्यावधि मौसम पूर्वानुमान (18-22 अप्रैल, 2026) : ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, डा०आर०पी०सी०ए०यू०, पूसा, समस्तीपुर एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जारी 18-22 अप्रैल, 2026 तक के मौसम पूर्वानुमान के अनुसारः-

पूर्वानुमानित अवधि में उत्तर बिहार के आसमान में हल्के बादल देखें जा सकते है। हालाँकि, मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। जवकि न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। औसतन 8 से 12 कि०मी० प्रति घंटा की रफ्तार से पूरवा हवा चलने का अनुमान। सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 55 से 60 प्रतिशत तथा दोपहर में 15 से 25 प्रतिशत रहने की संभावना है।

समसामयिक सुझाव : मौसम के शुष्क रहने की संभावना को देखते हुए तैयार गेहूँ एवं अरहर फसल की कटनी तथा दौनी करें। दानों को अच्छी तरह धूप में सूखाने के बाद भंडारण करें।

बसंतकालीन मक्का की फसल जो घुटने की ऊचाई के बराबर हो गयी हो, मिट्टी चढ़ाने का कार्य करें। आवष्यक नमी हेतु सिंचाई करें। इन फसलों में तना छेदक कीट की निगराणी करें। शुष्क एवं गर्म मौसम इस कीट के फैलाव के लिए अनुकूल वातावरण है।

अण्डे से निकलने के बाद इस कीट की छोटी-छोटी सुंडियों मक्का की कोमल पत्तियों को खाती है तथा मध्य कलिका की पत्तियों के बीच घुसकर तने में पहुँच जाती है तथा गुदा को खाती हुई जड़ की तरफ बढ़ते हुए सुरंग बनाती है।

फलस्वरुप मध्य कलिका मुरझाई हुई नजर आती है जो बाद में सुख जाती है। इस प्रकार पौधे की बढ़वार रुक जाती है एवं उपज में काफी कमी आती है। इस कीट के रोकथाम हेतु क्लोरपाईरिफॉस 20 ई०सी० दवा का 2.5 मि०ली०/ लीटर पानी की दर से घोल बनाकर फसल में समान रुप से छिडकाव करें।

टमाटर की फसल को फल छेदक कीट से बचाव हेतु खेतों में पक्षी बसेरा लगायें। कीट से ग्रसित फलो को इकठा कर नष्ट कर दें, यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड 48 इ०सी०/1 मि०ली० प्रति 4 ली० पानी की दर से छिड़काव मौसम साफ रहने पर करे।

भिण्डी की फसल में लीफ हॉपर कीट की निगरानी करे। यह कीट दिखने में सुक्ष्म होता है। इसके नवजात एवं व्यस्क दोनो पत्तियों पर चिपककर रस चुसते है। पत्तियाँ पीली तथा पौधे कमजोर हो जाते है. जिससे फलन प्रभावित होती है। इसका प्रकोप दिखाई देने पर इमिडाक्लोप्रिड 0.5

मी०ली० प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव मौसम साफ रहने पर ही करें। फलदार वृक्षों तथा वानिकी पौधों को लगाने के लिए अनुषंसित दूरी पर 1 मी० व्यास के 1 मीटर गहरे गडढ़े बना कर छोड़ दें। लगाये गये पॉपलर वृक्षों के चारो ओर निकौनी तथा साफ-सफाई करें।

आम के पेड़ में मिलीबग (दहिया कीट) की निगरानी करें। यह कीट चिपटे गोल आकार के पंखहीन तथा शरीर पर सफेद दही के रंग का पॉउडर चिपका रहता है। यह आम के पेड़ में मुलायम डालों और मंजर वाले भाग में बहुतो की संख्या में चिपका हुआ देखा जा सकता है तथा यह उन हिस्सों से लागातार रस चुसता रहता है जिससे अक्रान्त भाग सुख जाता है तथा मंजर झड़ जाते हैं। इस कीट से रोकथाम हेतु स्पिरोटेट्रामैट 30 ई०सी०दवा का 0.5 मि०ली०/ लीटर पानी की दर से घोल बनाकर पेड़ पर समान रुप से छिडकाव करें। आम के बगीचों में नमी बनाये रखें।

आज का अधिकतम तापमानः 34.2 डिग्री सेल्सियस, सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस कम। आज का न्यूनतम तापमानः 21.4 डिग्री सेल्सियस, सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस कम।

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