व्हाट्सएप से जुड़ने के लिए यहां क्लीक करें
किसान-मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक संपन्न, 12 फरवरी को आम हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने का निर्णय
Doorbeen News Desk: 12 फरवरी को देशव्यापी आम हड़ताल को बड़ी भागीदारी से ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से रविवार को जनता मैदान में संयुक्त श्रम संगठन, संयुक्त किसान संगठन एवं संयुक्त खेत-मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह, भाकपा के रामप्रीत पासवान की अध्यक्षता एवं एसयूसीआई के चंद्रशेखर राय एवं किसान महासभा के ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से संचालन किया।
बैठक में बिहार राज्य आशा संघ के सविता सिंह, पाकीजा खातुन, बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के गिरजा देवी, किसान महासभा के शंकर सिंह, मो० अबुबकर, इनौस के मो० एजाज, भाकपा के मो० अलाउद्दीन, राजहंस कुमार, विश्वनाथ पंडित, राजेश कुमार, एसयूसीआई के सुरज कुमार, उपेंद्र कुमार, चंदन साह, मनटून पासवान, विष्णुदेव सिंह, पलटन साह, विलास कुमार, विकास कुमार, लाल बाबू राय आदि ने भाग लेकर अपने-अपने विचार व्यक्त किया।


अपने अध्यक्षीय संबोधन में माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह एवं भाकपा नेता रामप्रीत पासवान ने कहा कि मोदी सरकार 44 श्रमकोड को खत्म कर 4 श्रमकोड बनाई है जो मजदूर विरोधी है। 2025 विधुत एवं बीज विधेयक किसान विरोधी कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाला है।
मनरेगा को खत्म कर महात्मा गांधी का नाम हटाकर जीराम जी कर दिया गया है जो मजदूर विरोधी है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को यथावत रखने, 44 श्रमिकोड जारी रखने, बिजली और
बीज विधेयक वापस लेने आदि की मांग पर 12 फरवरी को सभी 12 ट्रेड यूनियंस, किसान-मजदूर संगठनों को द्वारा देशव्यापी आम हड़ताल का अह्वान किया गया है।
इस आम हड़ताल को बड़ी भागीदारी से सफल बनाने को लेकर 12 फरवरी को 11 बजे से ताजपुर के गांधी चौक से संयुक्त जुलूस निकालकर बाजार भ्रमण करते हुए राजधानी चौक पर धरना-प्रदर्शन-सभा का आयोजन किया जाएगा। नेताओं ने ताजपुर वासियों से भाग लेकर आम हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है।






