सरकारी विद्यालयों में बच्चों के सीखने की खोज पर मंथन: शिक्षा विभाग और क्षमतालय फाउंडेशन की साझेदारी से समाधान की नई पहल

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सरकारी विद्यालयों में बच्चों के सीखने की खोज पर मंथन: शिक्षा विभाग और क्षमतालय फाउंडेशन की साझेदारी से समाधान की नई पहल

Doorbeen News Desk: सरकारी विद्यालयों में बच्चों की शैक्षणिक स्थिति की गहन समीक्षा हेतु जिला शिक्षा विभाग एवं क्षमतालय फाउंडेशन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता जिला परियोजना पदाधिकारी (DPO) जमालुद्दीन जी ने की।

बैठक में यह निकल कर आया कि विद्यालयों में बच्चों के सीखने में सहायक कई पहलुओं को बेहतर तरीके से हो रही हैं जैसे सुसज्जित कक्षाकक्ष का निर्माण, शिक्षकों का बच्चों की सीख के लिए किए जाने वाला शिक्षक संगोष्ठी, बच्चों के सीखने में सुधार होना था जबकि यह भी स्वीकार किया गया कि कुछ सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक जिम्मेदारियों का अपेक्षित निर्वहन नहीं हो पा रहा है।

विशेष रूप से विद्यार्थियों के निम्न सीखने स्तर को लेकर शिक्षकों में हतोत्साह तथा नियमित अकादमिक प्रयासों में कमी एक गंभीर चुनौती के रूप में सामने आई। बैठक के दौरान इस बात पर बल दिया गया कि चुनौतियों के बावजूद समाधान-आधारित दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य है। क्षमतालय फाउंडेशन द्वारा बच्चों को वर्तमान स्तर से ग्रेड-लेवल दक्षता तक लाने, शिक्षकों को अकादमिक सहयोग देने तथा विद्यालयी प्रक्रियाओं को मजबूत करने में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

DPO श्री जमालुद्दीन ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को प्रमाण-पत्र व प्रशंसा के माध्यम से प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। आगे की रणनीति के तहत प्रधानाध्यापकों की योजनाबद्ध अकादमिक प्लानिंग, *बेसलाइन एवं मिडलाइन डेटा* के माध्यम से सीखने के परिणामों की निगरानी तथा विभाग–संस्था के समन्वय से लक्षित हस्तक्षेप लागू करने पर सहमति बनी। यह पहल सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक व्यावहारिक एवं संवेदनशील कदम मानी जा रही है।

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