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सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए पुरानी पेंशन अत्यंत आवश्यक है : अजय
Doorbeen News Desk: पेंशनर्स दिवस के अवसर पर 17 दिसंबर को नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) की ओर से जागरूकता अभियान सह बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएमओपीएस के जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने की। इस दौरान एक सितंबर 2005 से कर्मियों व पदाधिकारियों पर लागू एनपीएस/यूपीएस का विरोध करते हुए सभी सरकारी कर्मियों एवं पदाधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की गई।


बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि पेंशन कोई अनुदान नहीं, बल्कि कर्मियों व पदाधिकारियों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने बिहार सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए पुरानी पेंशन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पेंशनर्स दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 17 दिसंबर 1982 को सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक ‘नकारा केस’ में यह स्पष्ट किया था कि पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, सरकार की ओर से दिया गया उपहार नहीं।


इस निर्णय में सभी पेंशनभोगियों को समान लाभ दिए जाने की व्यवस्था की गई थी। यह दिन दिवंगत डीएस नकारा को श्रद्धांजलि अर्पित करने और पेंशनरों के सम्मान, गरिमा व अधिकारों के लिए उनके संघर्ष को याद करने का अवसर है। जागरूकता बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विशाल कुमार, सीएस कार्यालय के प्रधान लिपिक अमित कुमार के अलावा कुणाल कुमार, सचितानंद, मो. इमदाद, चंदन कुमार, ओम प्रकाश, एलटी जय प्रकाश सहित दर्जनों कर्मी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।






