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समस्तीपुर। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित कानून जिसमें किसी भी चालक के द्वारा दुर्घटना के उपरांत दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को अस्पताल तक नहीं पहुचाने पर 10 साल के कैद एवं 10 लाख जुर्माना के कानून के खिलाफ सोमवार को सभी प्रकार के वाहन चालकों द्वारा पुर्व घोषित कार्यक्रम एक, दो एवं तीन जनवरी 24 को सांकेतिक हड़ताल के तहत समस्तीपुर जिले में आंदोलन व्यापक असर देखने को मिला। जिले के सभी क्षेत्रों में व्यवसायिक यात्री वाहनों का परिचालन पूरी तरह बाधित रही।


जिले में बस एवं ट्रकों का परिचालन पूर्णत: बंद रहा। कर्पूरी बस पड़ाव समस्तीपुर से एक भी यात्री बसों का परिचालक नहीं हुआ वहीं जिले के विभिन्न रैंक प्वाइंटों से तथा एसएफसी के गोदामों से एक भी ट्रकों का परिचालन नहीं हुआ। जिला मोटर व्यवसायी संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि भारत सरकार के इस प्रस्तावित काला कानून के खिलाफ आगे के दमदार आंदोलन की तैयारी हेतु जिला संगठन के कार्यकारिणी की बैठक 2 जनवरी 24 एवं व्यावसायिक वाहनों के स्वामी तथा चालकों के साथ संयुक्त बैठक 3 जनवरी 24 को स्थानीय कर्पूरी बस पड़ाव में आयोजित की गई है।


जिसमें सरकार द्वारा विधेयक वापस नहीं लेने के स्थिति में व्यापक आंदोलन जिसमें धरना, प्रदर्शन पुतला दहन एवं अनिश्चितकालीन हड़ताल की रूपरेखा एवं कार्यक्रम तय की जाएगी। संगठन के महासचिव संजीव कुमार सुमन ने बताया कि सरकार के इस दमनकारी कानून जिसके चलते मोटर व्यवसाय पूर्णतया समाप्त हो जाएगा के खिलाफ वाहन स्वामी एवं चालक का संयुक्त आंदोलन विधेयक समाप्त होने तक जारी रखा जायेगा।







