समस्तीपुर में किसानों की उपजायी सब्जी का नही मिल रहा खरीददार, कौड़ी के भाव में बेची जा रही सब्जी, सब्जी के खेतों को किसान चला रहे हल

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समस्तीपुर। समस्तीपुर में किसानों की उपजायी सब्जी का खरीदार नही मिल रहा है। हरी सब्जी की कीमत नहीं मिलने से ताजपुर प्रखण्ड के किसान सब्जी से लहलहाती खेतों में हल चलाकर सब्जी को जमींदोज कर रहे हैं। सब्जी की कीमत से किसानों को न मजदूरी और न ही भाड़े उपर हो रहे हैं। ताजपुर प्रखण्ड क्षेत्र के फतेहपुर, कस्बे आहर, मोतीपुर आदि क्षेत्र के किसानों द्वारा बीघा के बीघा सब्जी समेत खेतों को जोतने की जानकारी मिलने पर भाकपा माले के प्रखण्ड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, किसान महासभा प्रखण्ड सचिव मनोज कुमार सिंह, अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने मुआयना किया।

इस दौरान जोतने से मना करने पर किसानों ने बताया कि बगल के मोतीपुर सब्जी मंडी में 2 रूपये किलो फूलगोभी, बंधागोभी, बैगन, मूली, कद्दू, 10 रूपये किलो धनिया पत्ता, 5 रूपये किलो कुनरी बिक रहा है। इस पैसे से न सब्जी काटने का मजदूरी मिल रहा है और न ही सब्जी मंडी पहुंचाने का भाड़ा उपर हो रहा है। 1 रूपये किलो आरत खर्च भी लगता है। फतेहपुर के किसान अनील सिंह ने बताया कि मंडी में खरीददार भी नहीं मिलता। एक- दो दिन इंतजार कर सब्जी फेंकना ही पड़ता है। इसलिए वे सब्जी को जोतबा रहे हैं।

किसान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि अगली फसल के आस में वे सब्जी जोतबा रहे हैं। किसानों की टीम ने मंडी पहुंचकर सब्जी की कीमत की जानकारी ली तो किसानों द्वारा बताया गया कीमत सही साबित हुआ। किसान नेता मनोज कुमारसिंह एवं ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने बताया की केसीसी लोन, महाजनी कर्ज, उधार लेकर किसानों ने महंगी बीज, खाद-खल्ली खरीदकर किसानों ने सब्जी लगाया। महंगा पटवन किया। लेकिन जब फसल तैयार हुआ तो खरीददार ही नहीं मिल रहा है। अब किसान कैसे कर्ज चुकाएंगे और फिर कैसे अगली फसल लगाएंगे।


भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि सब्जी की कीमत नहीं रहने से किसान पूरी तरह बर्बाद हो गये। अधिकांश किसान ठेका, बटैया लेकर खेती करते हैं। उनका जीवनयापन कैसे होगा। माले नेता ने कृषि पदाधिकारियों से किसानों को फसल क्षति मुआवजा देने, केसीसी लोन माफ करने एवं अगली फसल लगाने के लिए किसानों को नि: शुल्क खाद-खल्ली, बीज, बिजली, पानी, कृषि यंत्र देने की मांग की। इसे लेकर किसान महासभा ने 5 दिसंबर को प्रखण्ड कृषि कार्यालय घेराव की घोषणा की। किसान नेताओं ने प्रखण्ड के किसानों से उक्त घेराव में भाग लेकर सफल बनाने की अपील किसानों से की।

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