समस्तीपुर। समस्तीपुर कॉलेज, समस्तीपुर में हिन्दी दिवस के अवसर पर स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय संगोष्ठी समसामयिक चुनौतियाँ एवं हिन्दी का भविष्य विषय पर आयोजित की गयी, जिसका शुभारंभ महाविद्यालय परिवार के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ एसएन तिवारी व इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डीएन मेहता व हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष महेश कुमार चौधरी तथा इस संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ लक्ष्मण यादव व हिन्दी के सहायक प्राध्यापक डॉ आशीष पांडेय आदि ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।


इस संगोष्ठी की अध्यक्षता जन्तु विज्ञान के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ एस एन तिवारी ने की। आज इसी कार्यक्रम के उपलक्ष्य पर रेड रिबन प्रतियोगिता में प्रादेशिक स्तर पर प्रतिभाग किए छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। इस कार्यक्रम में वक्ताओं की शृंखला में सर्वप्रथम छात्र – छात्राओं से धर्मेन्द्र कुमार, सुरुचि कुमारी, नेहा कुमारी व अभिषेक कुमार तथा रानी कुमारी ने सार गर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया। इसके पश्चात मंचासीन डॉ डी एन मेहता ने इस विषय पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की हिन्दी प्रसार में भूमिका पर प्रकाश डाला व भाषायी ऐतिहासिक विवेचना के माध्यम से हिन्दी की वर्तमान स्थिति व चुनौतियों को स्पष्ट किया।


तत्पश्चात् हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष महेश कुमार चौधरी ने अपने वक्तव्य में राजभाषा से राष्ट्रभाषा हिन्दी बनने के समक्ष चुनौतियों व हिन्दी भाषा के भविष्य पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ लक्ष्मण जी ने अपने उद्बोधन में तकनीक के क्षेत्र हिन्दी के बढ़ते प्रभाव की विशद व्याख्या करते हुए हिन्दी के भविष्य पर चर्चा की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ एस एन तिवारी ने सभी वक्ताओं की विवेचना करते हुए हिन्दी के समक्ष की चुनौतियाँ व उसके भविष्य पर वक्तव्य देते हुए कहा कि हिन्दी को पहली चुनौती स्थानीय भाषा व अंग्रेजी से मिल रही है।


दूसरी चुनौती हिन्दी भाषा के शुद्धतम स्वरूप को लेकर है तीसरी चुनौती अनुवाद के क्षेत्र की है चौथी चुनौती अनुसंधान के क्षेत्र की है ऐसी बहुत सी चुनौतियाँ हैं जो हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनने में अड़चन की भूमिका निभा रहें हैं। यदि इनका समाधान ढूँढा जा सके तो वैश्विक स्तर पर भावी समय हिन्दी का ही होगा ऐसा मेरा विश्वास है। इस कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ आशीष पांडेय ने किया और धन्यवाद ज्ञापन हिन्दी विभाग के पीजी चतुर्थ छमाही के छात्र वाल्मीकि कुमार ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार के साथ अधिसंख्य संख्या में छात्र छात्राएँ उपस्थित रहे।





