समस्तीपुर। खानपुर प्रखंड क्षेत्र के सभी विद्यालयों में आज सुरक्षित शनिवार के अवसर पर बच्चों को डायरिया के बारे में आपदा के नोडल शिक्षकों द्वारा जानकारी दी गई। इस दौरान मध्यविध्यालय रेबड़ा गोटियाही के नोडल शिक्षक लाल बाबू ने बच्चों को डायरिया उत्तपत्ति, उसके लक्षण एवं उसके बचाव के उपाय के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा किए। उन्होंने बताया कि आम तौर पर वर्षात के दिनों में डायरिया की बीमारी होने की संभावना बनी रहती है। दूषित पेयजल, दूषित, ठंढा अथवा बासी भोजन करने से यह बीमारी हो सकता है।



डायरिया का मुख्य लक्षण उल्टी एवं दस्त होता है। यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को डायरिया हो जाय तो उन्हें गर्म पानी में ओआरएस का घोल दिया जाना चाहिए। यह उनके लिए वरदान साबित होगा। शिक्षक ने बताया कि इस बिमारी में शरीर से पानी निकल जाता है। अगर अधिक मात्रा में पानी निकल जाय तो तुरंत उन्हें नजदीक के अस्पताल में ले जाना चाहिए।



जहां उनका सही उपचार किया जा सकेगा। उन्होंने इसके बचाव की चर्चा करते हुए कहा कि साफ व शुद्ध पानी पीना चाहिए और ताजा व गर्म भोजन करना चाहिए। किसी भी स्थिति बासी भोजन नहीं करना चाहिए। मौके पर प्रधानाध्यापक राकेश चंद्र अरुण, शिक्षक ज्ञान शंकर प्रसाद, पंकज कुमार चौधरी, ममता, अनामिका शशि, कैलाश सहनी, शिक्षा सेवक रामबिलास मांझी सहित सैकड़ों बच्चे उपस्थित रहे।





