नशा खुरानों ने पुलिस बनकर पिता-पुत्री को झांसे में लेकर लूटा, जीआरपी में मामला दर्ज

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समस्तीपुर। नशाखुरानी गिरोह का शिकार बनी पिता-पुत्री के मामले में पुलिसिया जांच तेज कर दी गयी। सदर अस्पताल में दो दिनों के बाद शुक्रवार को को पिता-पुत्री को इलाज के बाद होश में लाया गया। फिर पुलिस ने पीड़ित से घटना की पूरी जानकारी ली। घटना की जानकारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। वहीं सदर अस्पताल में गठित मेडिकल टीम के द्वारा पीड़िता की जांच की गयी। नशा खुरानों गिरोह ने पुलिस होने एवं उसके गांव के बगल वाला होने का चकमा देकर पिता-पुत्री को कोल्ड ड्रिंक पिलाकर रुपए, कपड़ा आदि सामान लूट लिया गया। जिसके बाद गिरोह ने पिता को पूसा क्षेत्र में एवं उसकी पुत्री को मुजफ्फरपुर सकरा थाना क्षेत्र में बेहोशी की हालत में फेंक कर फरार हो गया। दोनों की पहचान होने के बाद परिजनों के द्वारा समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को होश आने पर घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गयी। इधर, इस संबंध में पूछे जाने पर समस्तीपुर एसपी विनय तिवारी ने बताया कि समस्तीपुर पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस इस मामले में अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अग्रतर कार्रवाई करेगी। साथ ही इसमें शामिल अपराधियों को चिंहित करते हुए उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। इधर, पीड़ित की पुत्री के दुष्कर्म की आशंका के बिंदु पर भी पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि पुलिस अभी इसमें कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।


पीड़ित पिता पुत्री की पहचान चकमेहसी थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले के रुप में की गयी है। जिसका इलाज सदर अस्पताल में चलने की सूचना मिलने पर शुक्रवार की सुबह जीआरपी थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार एवं चकमेहसी थानाध्यक्ष चंद्र किशोर टूडु भी अपनी टीम के साथ पहुंचे। फिर अस्पताल में इलाजरत पिता-पुत्री एवं उनकेपरिजनों से पूछताछ की। हालांकि उस समय दोनों पूरी तरह होश में नहीं आ पाए थे, जिसके कारण पूरी जानकारी नहीं मिल पायी। दोपहर बाद होश में आने पर नगर पुलिस ने पीड़ित से भी घटना की जानकारी ली।

पीड़ित ने बताया कि वह कोलकाता से जनसाधरण एक्सप्रेस पकड़कर अपनी बेटी के साथ बुधवार की रात नौ बजे समस्तीपुर स्टेशन पहुंचे। इसके बाद स्टेशन के पास ही एक व्यक्ति अपने को पुलिस वाला बताया और बोला कि कहा जाना है, तो गांव का नाम बताए। उसपर वह बोला कि हम दिल्ली में गोलंबर पर जांच करते हैं। अभी चार पांच दिन की छुट्टी पर आए हैं। गांव के बगल वाले हैं। हम भी गांव की चल रहे हैं। इसके बाद हम लोगों को स्कार्पियों में बैठा लिया।

फिर गाड़ी में कोल्ड ड्रिंक्स पिला दिया। विरसिंहपुर के बाद उसे कुछ याद नहीं है कि मुझे कहां और किस होकर ले गया।
पीड़ित ने बताया कि उसके पास तीन चार हजार रुपए, मोबाइल व एक ड्राम था। ड्राम में नए कपड़े थे। जो घर के लिए कोलकाता से लाया था। लेकिन वह भी गायब है। इधर, इस घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित की पत्नी भी कोलकाता से शुक्रवार को समस्तीपुर पहुंच गयी हैं।

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