समस्तीपुर में मोहनपुर ओपी प्रभारी नंद किशोर यादव हत्याकांड में तीन एसआईटी की गयी गठित

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समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले के मोहनपुर ओपी प्रभारी नंदकिशोर यादव हत्याकांड में तीन एसआईटी का गठन किया गया है। अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए एसआईटी की टीम छापेमारी में जुटी हुई है। एसपी विनय तिवारी ने बताया कि इस कांड को पशु चोरों ने अंजाम दिया है। गिरफ्तार पशु चोर से मिले इनपुट के आधार पर ही मोहनपुर ओपी प्रभारी नंदकिशोर यादव उजियारपुर के शाहबाजपुर में छापेमारी करने गए थे। जहां पहले से 8-10 बदामश मौजूद थे। बदमाशों को पकड़ने के दौरान उन पर गोली चलाई गई। वहीं, पुलिस पदाधिकारी को गोली लगने के कारण अन्य पुलिस कर्मी उन्हें संभालने में लग गए।

जिसका फायदा उठाकर सभी बदमाश भाग निकले। बदमाशों को जल्द चिह्नित कर गिरफ्तार करने के साथ कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। एसपी ने बताया कि अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए तीन डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। जिसमें जिले तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को शामिल किया गया है। शीघ्र ही अपराधियों को गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।इधर, उजियारपुर के शहबाजपुर में एसएच 88 स्थित घटनास्थल का बुधवार को एसपी विनय तिवारी ने निरीक्षण किया। इस क्रम में एसपी ने दलसिंहसराय के एसडीपीओ दिनेश कुमार पांडेय, उजियारपुर थानाध्यक्ष अनिल कुमार के अलावे उपस्थित अन्य थाने की पुलिस को कांड के सम्बंध में कई निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि मोहनपुर ओपी अध्यक्ष नन्द किशोर यादव हत्याकांड में शामिल बदमाशों को दस दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जायेगा। बताया जाता है कि ओपी अध्यक्ष को गोली मार जख्मी करने बाद पशु चोर वहां से भाग निकले। आसपास के लोग तथा पीछे से पिकअप पर सवार होकर आ रहे अन्य पुलिस अधिकारी व जवान गोली की आवाज सुनकर तुरंत पहुंचे। जहां से घायल दारोगा को इलाज के लिए ले जाया गया। वहीं पूरी रात आसपास के क्षेत्र में छापेमारी जारी रही।

कई थानों की पुलिस ने एक साथ जगह-जगह दबिश दी। घटनास्थल पर लगे दैंता की खेत से 10-12 जोड़ी लावारिस जूते-चप्पल मिले। इससे यह स्पष्ट हुआ कि पशु तस्करों की टीम में काफी लोग शामिल थे।

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