समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले में आशा कार्यकर्ताओं का चयन काफी समय से लंबित है। संबंधित पंचायत के मुखिया जी एवं पीएचसी प्रभार के बीच आपसी तालमेल के अभाव के कारण आशा चयन प्रक्रिया लंबित है। जिसके कारण संचालित स्वास्थ्य योजनाएं भी प्रभावित हो रही है। पंचायत के मुखिया जी आशा कार्यकर्ताओं के चयन में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जिसके कारण पिछले डेढ़ वर्ष पूर्व दिए गए आदेश के बावजूद आज तक आशा चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इसको लेकर प्रत्येक महीने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में भी संबंधित प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया है। इसके बावजूद जिले में 214 आशा कार्यकर्ताओं का चयन नहीं किया गया है।

जबकि डीएम के स्तर से भी कई बार पंचायती राज विभाग एवं सभी बीडीओ को पत्राचार किया जा चुका है। ताकि आशा कार्यकर्ताओं के चयन को पूरा किया जाए। इसके बावजूद भी आशा कार्यकर्ताओं का चयन नहीं हो पा रहा है। जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद भी डेढ़ वर्ष में आशा कार्यकर्ताओ की चयन प्रक्रिया पूरी नही की जा सकी। हालांकि पिछले महीने जिले में मात्र 30 आशा कार्यकर्ताओं का चयन किया गया है।

जिला स्वास्थ्य समिति की डीसीएम अनीता कुमारी ने कहा कि प्रत्येक महीने में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आशा कार्यकर्ताओं के चयन के लिए निर्देश दिया जाता है। इसके लिए सीएस के स्तर से भी कई बार पत्राचार किया गया है।

जिले में बिथान छोड़ सभी प्रखंडों में 214 आशा कार्यकर्ताओं का चयन किया जाना है। इसमें सर्वाधिक उजियारपुर प्रखंड में 31 आशा कार्यकर्ताओं का पद रिक्त है। इसी प्रकार कल्याणपुर में 26, मोरवा में 18, समस्तीपुर में 17, पटोरी में 16, ताजपुर में 15, दलसिंहसराय व खानपुर में 14-14, रोसड़ा में 11, पूसा व विद्यापतिनगर में दस-दस, विभूतिपुर, हसनपुर, सिंघिया में छह-छह, मोहनपुर में चार, वारिसनगर, सरायरंजन में तीन-तीन, मोहिउद्दीननगर, शिवाजीनगर में दो-दो पद रिक्त है।

आशा कार्यकर्ताओं के चयन नहीं होने के कारण संबंधित क्षेत्रों में स्वास्थ्य योजनाएं प्रभावित होती है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के स्तर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य योजनाओं का प्रचार प्रसार के साथ ही लोगों को अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। ताकि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरुरतमंद लोगों को दिया जा सके।

सीएस डॉ. एसके चौधरी ने भी पिछले दिनों समीक्षा बैठक के दौरान बीसीएम को निर्देश दिया। जिसमें आशा कार्यकर्ताओं के चयन में अपने स्तर से भी सहयोग करने को कहा गया। पीएचसी प्रभारी संबंधित क्षेत्र के मुखिया से संपर्क कर आम सभा के माध्यम से इसका चयन करेंगे।







