समस्तीपुर। विमेंस कॉलेज समस्तीपुर, जंतु विज्ञान विभाग में प्रधानाचार्य प्रोफेसर सुनीता सिन्हा की अध्यक्षता में 13 वें अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस ( 29 जुलाई) मनाया गया। प्रधानाचार्या प्रोफेसर सिन्हा ने कहा कि बाघ हमारा राष्ट्रीय पशु है। यह शान, शक्ति, धैर्य और बुद्धिमत्ता का प्रतीक है। बाघों के संरक्षण और उनकी विलुप्त हो रही प्रजातियों को बचाने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बाघ दिवस मनाया जा रहा है।

व्यक्ति को बाघों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। जूलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डा प्रियंका लाल ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि बाघों की संख्या में वृद्धि होने से पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने के लिये बहुत ही आवश्यक है। इस अवसर पर डा श्री विद्या ने कहा कि लोग शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए बाघों का अवैध शिकार करते हैं।

छात्रा मुस्कान ने पीपीटी के माध्यम से पेपर प्रस्तुत कर बाघों के संरक्षण पर जोर दिया। छात्रा श्वेता भारती, राजा मोनी, कुमकुम आदि ने भी टाईगर बचाओ का नारा दिया। इस कार्यक्रम में प्रोफेसर अरुण कुमार कर्ण, प्रोफ़ेसर सोनी सलोनी, डॉ विजय कुमार गुप्ता, डा नीतिका सिंह, सुरेश साह,


डॉ आभा,डॉ कुमारी अनू, प्रो फरहत जबीन, डा स्वीटी दर्शन, डा नेहा कुमारी जायसवाल, डा लालिमा सिन्हा, डा ज्ञानवती झा, डा ममता कुमारी, डा माधवी झा, डा सोनल कुमारी सहित अधिक संख्या मे छात्राएं उपस्थित थी। धन्यवाद ज्ञापन डा आभा ने किया।








