सरकारी जमीन कब्जा को लेकर दो गुटों के बीच हुए हिंसक झड़प में दो को पुलिस ने किया गिरफ्तार, फिर प्रभावशाली व्यक्ति ने किया कॉल

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समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के करीमनगर में सरकारी जमीन पर कब्जा को लेकर पिछले दो गुटों में हिंसक झड़प हुई थी। जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रुप से जख्मी हो गया। साथ ही इस मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले की जांच की। जिसमें सरकारी जमीन पर कब्जा करने को लेकर विवाद की बात सामने आयी। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी।

एसपी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद वीडियो वायरल मामले में पुलिस ने दोनों ओर से एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में मुखिया पति समर्थक मनोज साह वहीं दूसरे पक्ष से असगर अंसारी शामिल हैं। जबकि इस मामले अन्य की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। एसपी ने बताया कि सभी आरोपी फिलहाल घर से फरार चल रहे हैं।

एसपी ने बताया कि मोहिउद्दीननगर थाना के करीमनगर में सुरसर नदी बांध के पास सरकारी जमीन पर अकबर अंसारी कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन मुखिया पति एवं उनकेसमर्थकों ने किसी भी अधिकारियों को बिना सूचना दिए घटना स्थल पर पहुंच गए थे। कानून को हाथ में लेते हुए दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। जिसमें सात लोग जख्मी हो गए थे।

फिर मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। जिसके बाद पटोरी के डीएसपी ने पूरे मामले की जांच की। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पूरे मामले की गहराई से जांच की गयी। फिर दोनों ओर के लोगों को दोषी मानते हुए गिरफ्तारी का आदेश जारी किया था।

जिसके बाद दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में जुटी है। इधर, मनोज साह की गिरफ्तारी होते ही थानाध्यक्ष को एक प्रभावशाली व्यक्ति का फोन आया और उसे छोड़ने का दवाब दिया गया। एसपी ने बताया कि मनोज शाह की गिरफ्तारी के बाद मोहिउद्दीननगर थानाध्यक्ष को मोहिउद्दीननगर क्षेत्र के एक प्रभावशाली व्यक्ति का फोन आया था।

और पूछा गया कि मनोज को कैसे गिरफ्तार किया गया। उसे छोड़ने के लिए भी थानाध्यक्ष पर दवाब दिया गया। जिसका ऑडियो भी सामने आया है। एसपी ने बताया कि थानाध्यक्ष पर दवाब बनाने की कोशिश करने का ऑडियों की वो स्वयं जांच करेंगे। अगर जांच में व्यक्ति दोषी पाए गए तो उनके विरुद्ध भी मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

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