समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले के बंगरा थाना क्षेत्र के राजधानी रोड में एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला। तेज रफ्तार के कारण एक साइकिल सवार की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। जिसके कारण आक्रोशित लोगों ने कई घंटे तक सड़क जाम कर यातायात ठप कर दिया। ताजपुर क्षेत्र में लगातार रफ्तार का कहर, कहर बनकर बरस रहा है।

पिछले 1 सप्ताह में 5 लोगों की मौत केवल ताजपुर क्षेत्र में हुई है। इसके बावजूद यहां प्रशासन के द्वारा रफ्तार पर ब्रेक लगाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। ताजा मामला बंगरा थाना क्षेत्र के कोठिया के पास की है। जहां एक साइकिल सवार अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई।

कोठिया पुल के समीप शुक्रवार की शाम सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक अधेड़ साइकिल सवार को रौंद डाला। जिससे साइकिल सवार की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। घटना में अधेड़ की साइकिल भी चूर-चूर हो गई। घटना के बाद भाग रहे ट्रक को लोगों ने खदेड़कर सिरसिया गांव के समीप घेर लिया। लेकिन चालक फरार हो गया।

मृतक की पहचान बंगरा थाना क्षेत्र के कोठिया वार्ड दो निवासी स्वर्गीय शिव नारायण साह के पुत्र शत्रुघ्न साह (50) बताए गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक घटना के वक्त साइकिल सवार कोठिया पुल के उस पार बहुआरा (वैशाली) स्थित अपनी मिठाई एवं चाय नाश्ते की दुकान पर जा रहे थे।

इसी बीच घटनास्थल पर सामने से आ रहे बेलगाम ट्रक ने रौंद डाला। जिदके कारण साइकिल सवार दुकानदार की मौत घटना स्थल पर ही हो गयी। घटना के बाद स्थानीय लोग पहुंचे लेकिन साइकिल सवार अधेड़ की मौत हो गई थी। वही ट्रक चालक ट्रक लेकर भागने का प्रयास कर रहा था लेकिन लोगों को आते देख ट्रे छोड़ फरार हो गया।

घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने घटनास्थल पर मृतक के शव के साथ सड़क जाम कर दिया है। जिससे समस्तीपुर – पटना मार्ग पर यातायात बाधित हो गया है। आक्रोशित ग्रामीण मृतक के आश्रित को पर्याप्त मुआवजा देंने, ट्रक चालक पर हत्या की एफआईआर दर्ज करने, वाहनों की तेज रफ्तार पर लगाम लगाने आदि की मांग कर रहे थे।

साथ ही जिला से एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे। सूचना पाकर थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी पुलिस बल के साथ जाम स्थल पर पहुंच स्थानीय मुखिया धर्मेंद्र कुमार व अन्य गणमान्य लोगों के साथ जाम समर्थकों को समझाने बुझाने की कोशिश कर रहे थे। लगभग 4 घंटे के बाद सड़क यातायात शुरू किया गया। सड़क यातायात शुरू कराने से पूर्व आक्रोशित लोगों को समझाने में पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।






