हाजीपुर। पूर्व मध्य रेल, मुख्यालय हाजीपुर द्वारा क्षेत्रीय रेल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 78वीं बैठक जीएम अनुपम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अनुपम शर्मा ने कहा कि पूर्व मध्य रेल वर्गीकरण के अनुसार ‘क’ क्षेत्र में आता है। यानी यह पूर्णत: हिंदी भाषी क्षेत्र है। अत: यहाँ शत-प्रतिशत कार्य हिंदी में ही किया जाना अपेक्षित है। इसके लिए सभी अधिकारी एवं अधीनस्थय कर्मचारियों के साथ मिलजुल कर हम एक ऐसे वातावरण का निर्माण करें।

जहाँ हिंदी में काम करने के लिए किसी प्रकार की कोई झिझक नहीं हो बल्कि हिंदी में काम करना रोचक एवं सुगम लगे। श्री शर्मा ने समिति के सदस्यों एवं अन्य अधिकारियों को बताया कि राजभाषा में कार्य करने से कार्य की गुणवत्ताा में भी सुधार आता है। इसके लिए यह जरूरी है कि राजभाषा के प्रति हम अपने दायित्व को समझें।

साथ ही राजभाषा के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने के लिए टिप्पणी में सरल एवं सहज शब्दों का प्रयोग करें। जो काम सहजता से हिंदी में हो सकता है उसे हिंदी में अवश्यक करें। रेल एक वाणिज्यिक प्रतिष्ठांन भी है। अतः इस देश की आम जनता से जुड़ने के लिए हमें उनकी भाषा में संवाद करना लाभदायक होगा।

हम पूर्णत: समर्पित टीम भावना के साथ कार्य करें तथा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ें।उन्होंने कहा कि रेलों पर स्थित हिंदी पुस्तकालयों को समृद्ध किया जाना चाहिए तथा वहाँ पर्याप्त संख्या में तकनीकी पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहिए। श्री शर्मा ने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हिंदी में स्वयं कार्य करते हुए एक उदाहरण प्रस्तुत करें ताकि अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इससे प्रेरणा प्राप्त हो सके।

इस अवसर पर राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सुरक्षा विभाग को महाप्रबंधक द्वारा अंतर्विभागीय राजभाषा चल शील्ड प्रदान किया गया जिसे प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री शरत चन्द्र पाढ़ी ने प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि यह बैठक मार्च-2023 को समाप्त तिमाही की समीक्षा करने के लिए आयोजित थी।

राजभाषा प्रयोग-प्रसार के इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पूर्व मध्य रेल केमंडलों, कारखानों आदि के उच्च अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने अपने विभागों, मंडलों आदि में राजभाषा के प्रचार-प्रसार की स्थिति के संबंध में समिति को सूचित किया।

बैठक का संचालन करते हुए मुख्य राजभाषा अधिकारी सह प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी जेकेपी सिंह ने कहा कि महाप्रबंधक महोदय राजभाषा हिंदी के वर्तमान की समीक्षा करते हुए भविष्य का मार्गदर्शन करते रहे हैं। इसके लिए राजभाषा विभाग उनका आभारी है। उन्होंने अपर महाप्रबंधक सहित विभागाध्यक्षएवं मंडलों से आये प्रतिनिधियों का स्वागत किया।






