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समस्तीपुर। पिछले डेढ़ महीने से जारी भीषण गर्मी एवं तेज धूप के कारण वायरल बीमारी की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सर्दी, खांसी व बुखार के बाद अब चर्म रोग से संबंधित मरीजों की संख्या भी काफी बढ़ गयी है। जिसके कारण सदर अस्पताल के ओपीडी से लेकर निजी अस्पतालों तक चर्म रोग से संबंधित मरीजों की भीड़ होती है। सदर अस्पताल के ओपीडी में प्रत्येक दिन सौ से डेढ़ सौ मरीज केवल चर्म रोग से संबंधित पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी व पसीना के कारण कई प्रकार की समस्या से ग्रसित मरीज परेशान हैं।

सदर अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मिरानी ने कहा कि तेज धूप व पसीना के कारण चर्म रोग से संबंधित बीमारी की संख्या बढ़ी है। इसमें मुख्य रुप से दाद खाज, खुजली, फोड़ा-फुंसी, चेहरा व शरीर के विभिन्न हिस्सों में चकत्ता व लाल होना, घमौड़ियां के अलावे बच्चों में घाव के शिकायत बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि तेज धूप व गर्मी के कारण अधिक पसीना निकलता है।

साफ-सफाई समुचित ढंग से नहीं होने के कारण त्वचा पर गंदगी जम जाती है। जिसके कारण भी संक्रमण होता है। साथ ही शरीर के प्राइवेंट पार्ट के अलावे अन्य जगह पसीना जमने के कारण भी संक्रमण होता है। इसलिए लोगों को स्नान करने के समय शरीर के सभी हिस्सों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है। साथ ही हल्के एवं सूती कपड़ा का प्रयोग करना चाहिए। ताकि पसीना सूखता रहे। वहीं अधिक पानी का सेवन करना चाहिए।

तेज धूप के कारण इन दिनों नाक से ब्लीडिंग की भी समस्या हो रही है। सदर अस्पताल के ओपीडी में प्रत्येक दिन दर्जन भर से अधिक ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिसमें नाक से ब्लीडिंग की समस्या रहती है। ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. सैयद मेराज इमाम ने बताया कि तेज धूप के कारण नाक के अंदर का भाग ड्राइ हो जाता है।

जिसके कारण नस फटने से ब्लीडिंग की समस्या आ रही है। ऐसे लोगों को अधिक धूप में निकलने से बचना चाहिए। चेहरा का गमछा से पूरी तरह ढंक कर निकलना चाहिए। साथ ही ब्लीडिंग होने पर तत्काल डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए।






