बिहार : रेलवे के डॉक्टर को रात में थमाया नोटिस, दोपहर में कर दिया बंगला सील, मची हाय तौबा तो खुल गया ताला

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समस्तीपुर। समस्तीपुर रेल मंडल मुख्यालय में मंगलवार की दोपहर रेलवे अस्पताल में कार्यरत डॉ शिवाशीष राय के बंगले में को अचानक सील कर दिया गया। जिसके कारण डॉक्टर के बुजुर्ग माता-पिता के अलावा उनकी पत्नी और दोनों बच्चे बांग्ला में 4 घंटे तक बंधक बने रहे। बंगले को सील करने के बाद मामला मीडिया तक पहुंचा। इसके बाद मामला हाईलाइट होने पर 4 घंटे के बाद एक कर्मचारी के द्वारा आकर बंगले का सील तोड़कर ताला खोल दिया गया। इसके बाद डॉक्टर के परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली।

सबसे बड़ी बात यह है कि बंगला किसके आदेश पर सील किया गया, इसके बारे में कि फिलहाल किसी को कोई जानकारी नहीं है। डीआरएम आलोक अग्रवाल ने कहा सील किसने किया यह जांच का विषय है। फिलहाल बंगला खाली करने का आदेश दिया गया था। मिली जानकारी के अनुसार डॉक्टर का कांट्रेक्ट खत्म होने के कारण सोमवार देर शाम बंगला को खाली करने का आदेश दिया गया। जिसमे मंगलवार की दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया था।

मंगलवार को दोपहर 12 बजे के बाद अचानक रेलवे कर्मी पहुंचे और बंगाला को सील कर दिया। जबकि उस समय बंगला के अंदर से बुजुर्ग मिथिलेश राय ने घर के अंदर होने की बात कही तो कर्मी ने कहा अंदर रहिए। वह अपनी नौकरी बचा रहा है और बंगला को सील कर दिया गया। बंगला के अंदर डॉक्टर के पिता के अलावा उनकी बुजुर्ग मां चंद्रमिला देवी, डॉ की पत्नी खुशबू कुमारी, डॉक्टर की पुत्री मेद्यावी 6 व पुत्र आयुष्मान था।

बंगला सील होने की सूचना पर मीडिया कर्मियों के पहुचने पर मामला हाईलाइट हो गया। करीब चार घंटे तक बंगला सील रहा। मामला ऊपर तक पहुचने पर आनन फानन में एक कर्मी ने आकर बंगला को खोल दिया। कर्मी ने बताया कि मुझे जो आदेश मिला, वही किया।

डीआरएम आलोक अग्रवाल ने कहा कि डॉक्टर का कांटेक्ट समाप्त था। जिस कारण डॉक्टर को बंगला खाली करने के लिए नोटिस दी गई थी। हालांकि जब परिवार के लोग बंगला के अंदर थे तो उन्हें सील करने को लेकर किसी को भी ऐसा आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।

डॉक्टर के पिता ने बताया कि सोमवार की देर शाम अधिकारी कल्ब स्थित स्वीमिंग पुल में उनके डॉक्टर पुत्र स्नान करने गए थे। जहां रेल मंडल के वरीय अधिकारी के परिवार के सदस्य स्नान कर रहे थे। इसी दौरान रेलवे के कांटेक्ट डॉक्टर शिवाशीष राय भी पहुंच गए। जहां स्वीमिंग पुल पर तैनात कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से मना किया। लेकिन वह नहीं माने और अंदर प्रवेश कर गए। बताया गया है कि वहां डॉक्टर का वरीय अधिकारी के परिवार के एक सदस्य से कुछ विवाद हो गया था। जिसके बाद बंगला खाली करने का आदेश दिया गया। घटना के बाद देर शाम डॉक्टर के बंगला को यह कहते हुए 13 जून को दिन के 12 तक खाली करने का आदेश जारी किया गया कि डॉक्टर शिवाशीष का कांटेक्ट 22 मई को ही समाप्त हो चुका है। इसी लिए बंगला को खाली कर दें।

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