तंबाकू का सेवन अपनी जान के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी है घातक

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समस्तीपुर। वीमेन्स कॉलेज, समस्तीपुर एनएसएस इकाई द्वारा एनएसएस पदाधिकारी डा मधुलिका मिश्रा के नेतृत्व में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया। जिसका उद्देश्य तम्बाकू के इस्तेमाल से होने वाले स्वास्थ समस्या के बारे में जागरुकता फैलाना है। डा मिश्रा ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि तंबाकू न केवल उगाने और खाने वालों की सेहत पर बुरा असर डालता है बल्कि ये पर्यावरण के लिहाज से भी काफी नुकसानदायक है। क्योंकि ये डिफॉरेस्टेशन (पेड़ों की कटौती) को बढ़ावा देता है। तम्बाकू में खैनी, गुटखा और सुपारी जैसी चीजें शामिल हैं, जो जानलेवा होती हैं।

मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डा रीता चौहान ने कहा कि नशा के शिकार व्यक्ति अपने आप को एलीट, शक्तिशाली और विकसित समझते है। अर्थशास्त्र के सहायक प्राध्यापक डा विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि ध्रुमपान का प्रचलन महिलाओ मे भी बढ़ा है, सरकार को इसके उत्पादन और विज्ञापन पर तुरन्त रोक लगाना चाहिए।

डा प्रियंका लाल ने कहा कि ध्रुमपान करने से व्यक्ति के बाल बच्चे पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है। डा फरहत जबीन, सहायक प्राध्यापक, उर्दू ने कहा कि ध्रुमपान से ज्यादा भोजन पर ध्यान देने की जरूरत है। ध्रुमपान से न केवल स्वास्थ का बल्कि आर्थिक नुकसान भी होता है।


छात्रा मोती और पंखुरी ने स्लोगन और कविता के माध्यम से विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता फैलायी। इस अवसर पर प्रो अरुण कुमार कर्ण, प्रो सोनी सलोनी, डा नीतिका सिंह, प्रो सुरेश साह, डॉ नेहा कुमारी जायसवाल, डॉ कुमारी अनु, डा लालिमा सिन्हा आदि सहित अधिक संख्या में शिक्षक एवं छात्राएं उपस्थित थी।

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