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समस्तीपुर। केंद्र सरकार से लक्ष्य प्रमाणीकरण प्राप्त होने के एक वर्ष बाद टीम सदर अस्पताल पहुंच कर लक्ष्य के मापदंडों की निगरानी में जुटी है। टीम में एसआरयू के डॉ. अबोली गोरे एवं यूनिसेफ कंसल्टेंट डॉ. जगजीत सिंह शामिल हैं। दो दिवसीय दौरे के तहत सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष एवं कोटि का जायजा लिया जाएगा। सदर अस्पताल को मिले लक्ष्य प्रमाणीकरण के बाद पहली बार यह टीम सदर अस्पताल पहुंची जहां अस्पताल में उपलब्ध संसाधन एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा कार्यों की टीम समीक्षा कर रही है।

टीम का मुख्य उद्देश्य यह है कि जो लक्ष्य प्रमाणीकरण किया गया था उसकी प्रक्रिया, गुणवत्ता वैसी ही बनी रहे। डॉ अबोली गोरे ने बताया कि छोटी-छोटी चीजें को देखकर तत्काल बदलाव किया जा सकता है। कुछ ऐसा है कि जिसे बाद में बदला जा सकता है। अस्पताल की गुणवत्ता पर जो भारत सरकार ने मुहर लगायी है, उसपर कोई कमी नहीं हो।


डॉ. जगजीत सिंह ने कहा कि भारत सरकार के द्वारा लक्ष्य प्रमाणीकरण का क्रास इंडिया चल रहा है। जो भी चयनित जिला है वहां एनक्वास के प्रमाणीकरण का यह प्रोसेस चल रहा है। ताकि अस्पताल को सुचारु रुप से संचालन किया जा सके।

मौके पर केयर इंडिया के डीटीएल संदीप ताज, आरपीएफ नजमुल होदा, डीपीएम ज्ञानेंद्र शेखर, डीसीक्यूए डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डीएस डॉ. गिरीश कुमार, केयर इंडिया की श्वेता व प्रिंस उपस्थित थे।






