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समस्तीपुर। डॉ. राजेंद्र केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में सोमवार को दीक्षारंभ कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किा गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलन कर की गयी। जिसके बाद कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार ने दीक्षारंभ कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में बताया। निदेशक शिक्षा डॉ. एमएन झा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में छात्रों को विस्तार से बताया।

मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक शिक्षा डॉ. आरसी अग्रवाल ने कहा कि कुलपति डॉ. पीएस पांडेय ने दीक्षारंभ कार्यक्रम के माध्यम से एक नयी मिशाल पेश की है। इस देश के अन्य कृषि विश्वविद्यालयों में भी लागू करने का प्रयास किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों का बहुमुखी विकास होगा।

कुलपति डॉ. पीएस पांडेय ने कहा कि छात्रों को स्कूल से कॉलेज में आने पर मन में एक झिझक रहती है। जिसके कारण वे संकुचित रहते हैं। दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान छात्रों को इस संकुचन से निकलने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम को बहुत गहन सोच विचार के बनाया गया है। इसमें छात्रों के साहित्यक, खेलकूद, नृत्य, संगीत, पेंटिंग, संचार कौशल, हेल्थ हाईजीन, टेबल मैनर, योगा आदि का प्रशिक्षण दिया गया है। दीक्षारंभ से छात्रों में एक नई उर्जा का संचार होगा। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री का संकल्प है कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाना है। देश को विकसित करने में छात्रों का सबसे अहम योगदान होगा। दीक्षारंभ कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. श्वेता मिश्रा ने तस्वीरों एवं वीडियो के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों के बारे में चर्चा की।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में छात्र-छात्राओं ने सामा चकेवा पर नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त अष्टावक्र नाटक तथा नृत्य संगीत भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में विशिष्टि प्रतिभा दिखाने वाले दस छात्रों को पुरस्कृत किया गया और उन्हें सम्मान पत्र भी सौंपे गए। कार्यक्रम के दौरान निदेशक छात्र कल्याण डॉ. रंजन लायक, डीन इंजीनियरिंग डॉ. अंबरीष कुमार, डीन पीजी डॉ. केएम सिंह, विश्वविद्यालय पुस्तकालायाध्यक्ष डॉ. राकेशमणी शर्मा, सूचना अधिकारी डॉ. कुमार राज्यवर्धन, डॉ. महेश कुमार, डॉ. एके सिंह आदि थे।






