समस्तीपुर। समस्तीपुर ब्लॉक के उत्क्रमित मध्य विद्यालय लगुनियाँ सूर्यकण्ठ में बाल संसद एवं मीना मंच के बच्चों के अनुरोध पर शिक्षक शिक्षिकाओं के लिए ड्रेस कोड लागू हो गया। इस विद्यालय का बाल संसद न केवल सशक्त एवं प्रभावशाली है बल्कि अन्य विद्यालयों के लिए नज़ीर भी है। विद्यालय प्रधान के कुशल नेतृत्व एवं शिक्षकों के सहयोग से इस विद्यालय के बच्चे विभिन्न मंचों पर जिले का नाम रौशन करते रहे हैं। विद्यालय के बाल संसद की प्रधानमंत्री अंकिता, उपप्रधानमंत्री जिज्ञासा, शिक्षामंत्री चित्तरंजन एवं मीनामंत्री प्रतिभा गुप्ता ने बताया कि हमारे विद्यालय में प्रायः शत प्रतिशत बच्चे सम्पूर्ण ड्रेस में आते हैं। शिक्षक छात्र बैठक के दौरान हम बच्चों ने भी शिक्षकों के लिए एक निश्चित पोशाक की इच्छा जतायी थी, जिसे प्रधानाध्यापक एवं सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने सहर्ष स्वीकार कर लिया था। एचएम ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इसे लागू करने की बात कही थी, परंतु होली का अवकाश रहने के कारण यह परंपरा 10 मार्च से शुरू हो पायी है। एचएम सौरभ कुमार ने बताया कि इसे लागू करने का प्रस्ताव विद्यालय के बाल संसद एवं मीना मंच के बच्चों ने ही दिया था। विगत 15 दिसंबर को जिला स्तरीय तरंग खेलकूद उत्सव के दौरान डीएम ने भी औरंगाबाद जिले के एक विद्यालय में इस संदर्भ में किये गए नवाचार का जिक्र करते हुए इस प्रकार के नवाचार का सुझाव दिया था। इसी क्रम में इसे लागू करने का निर्णय विद्यालय प्रशासन एवं विद्यालय शिक्षा समिति ने लिया था। विद्यालय की शिक्षिका संगीता कुमारी ने बताया कि शिक्षकों के इस नवाचार से बच्चों को भी प्रतिदिन पोशाक में विद्यालय आने की प्रेरणा मिलेगी। विद्यालय की इस बेहतरीन पहल के लिए वार्ड पार्षद रामाश्रय सहनी, वार्ड पार्षद शिव शम्भू कुमार, अभियंता सुंदेश्वर राय, विद्यालय के भूमिदाता सदस्य दिनेश कुमार शर्मा, पूर्व मुखिया अशर्फी सहनी, शिक्षाविद महावीर महतों आदि ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए विद्यालय परिवार को साधुवाद दिया।







