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Doorbeen News Desk : समस्तीपुर। बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर रविवार को समस्तीपुर में डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर और आईटी ब्वॉय/गर्ल कर्मियों ने रोड मार्च निकाला। सुबह 11 बजे अराजपत्रित कर्मचारी संघ भवन से शुरू हुआ मार्च पुरानी बस स्टैंड स्थित चिह्नित धरना स्थल तक पहुंचा। इसमें जिले के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कर्मियों ने भाग लिया।
संयुक्त मोर्चा के अनुसार, राज्य के मुख्यालय से लेकर अनुमंडल, प्रखंड, अंचल और पंचायत स्तर के विभिन्न कार्यालयों में बेल्ट्रॉन के माध्यम से इन कर्मियों की नियुक्ति की गई है। वर्तमान में पूरे बिहार में करीब 20 हजार कर्मी इस व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं। इनमें डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर और आईटी ब्वॉय/गर्ल शामिल हैं।
29 साल से सेवा, फिर भी नहीं मिला राज्यकर्मी का दर्जा
रोड मार्च के दौरान कर्मियों ने राज्य सरकार के प्रति नाराजगी जताई। उनकी प्रमुख मांगों में राज्यकर्मी का दर्जा देना और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल विभाग घोषित करना शामिल है। कर्मियों ने कहा कि वे करीब 29 वर्षों से सरकारी कार्यालयों में लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिला है।
मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग नंदन और सचिव सुमन सौरम ने कहा कि वर्ष 1997 से यह सेवा लगातार ली जा रही है। कई कर्मी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, लेकिन उन्हें सेवानिवृत्ति का लाभ नहीं मिला। कर्मियों के लिए न तो स्पष्ट सेवा शर्तें बनाई गई हैं और न ही सेवा सुरक्षा की व्यवस्था है।
लिखित आदेश जारी करने की मांग
कर्मियों ने सरकार से मांग की कि उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा देकर वेतनमान लागू किया जाए। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोडल विभाग घोषित कर उनकी मांगों पर लिखित आदेश जारी किया जाए। मोर्चा ने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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