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Doorbeen News Desk: शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत भटौरा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय पुरन्दही में मंगलवार को राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय की प्रधान शिक्षिका नीलू कुमारी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत जल जीवन हरियाली अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रधान शिक्षिका नीलू कुमारी ने की। उन्होंने कहा कि जल मानव जीवन का आधार है और इसकी प्रत्येक बूंद अमूल्य है। यदि आज जल संरक्षण के प्रति समाज गंभीर नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बच्चों से अपने घरों और आसपास के लोगों को भी जल की बर्बादी रोकने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने की अपील की।

इस अवसर पर शिक्षक विवेकानंद चौधरी, आकांक्षा तिवारी, प्रीति गौतम तथा गोपाल कुमार चौधरी ने भी विद्यार्थियों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पौधरोपण, स्वच्छता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व की जानकारी दी। शिक्षकों ने बताया कि जल-जीवन-हरियाली अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग अपने स्तर से जल बचाने और पेड़ लगाने का संकल्प लें तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बड़ी सफलता मिल सकती है।

मौके पर छात्र-छात्राओं अविनाश कुमार, सोनाक्षी कुमारी, अवधेश कुमार, शिवम कुमार सहित बड़ी संख्या में बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। बच्चों ने जल संरक्षण एवं हरियाली से जुड़े नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया। विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विचार-विमर्श भी किया गया, जिसमें बच्चों ने जल संकट, बढ़ते तापमान और पेड़ों की घटती संख्या पर अपने विचार साझा किए।
अंत में सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे जल की एक-एक बूंद की रक्षा करेंगे, अनावश्यक जल की बर्बादी नहीं होने देंगे, अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे तथा अपने आसपास स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। विद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रभावी दूत बनेंगे। स्थानीय लोगों ने भी विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जल-जीवन-हरियाली जैसे अभियान भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।


*जल और हरियाली दोनों ही जीवन के लिए बेहद जरूरी – Doorbeen News*





