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Samastipur News: शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत कमजोर बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने तथा उन्हें भाषा एवं गणित विषय में दक्ष बनाने के उद्देश्य से एक माह तक चलने वाले टीएलएम आधारित समर कैंप की प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी को लेकर रविवार को शिवाजीनगर प्रखंड अंतर्गत मॉडल प्लस टू उच्च विद्यालय के सभागार में टोला सेवकों, तालीमी मरकज स्वयंसेवकों तथा समर कैंप के दौरान काम करने वाले स्वयंसेवकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बीईओ रामजन्म सिंह ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ बीईओ रामजन्म सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की पहल पर एक जून से 30 जून तक प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में समर कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य वर्ग पांच एवं छह के उन बच्चों को विशेष शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना है, जो भाषा एवं गणित विषय में अपेक्षाकृत कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान बच्चों के सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाएगी, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख सकें और पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि बढ़े।


बैठक में प्रशिक्षक राम प्रसाद मांझी, नजीर हुसैन एवं संजीत कुमार शर्मा ने उपस्थित टोला सेवकों, तालीमी मरकज कर्मियों तथा स्वयंसेवकों को समर कैंप के संचालन की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने बताया कि यह समर कैंप पूरी तरह से टीएलएम आधारित होगा, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक सामग्रियों, खेलों, गतिविधियों एवं समूह कार्यों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तक आधारित अध्ययन नहीं, बल्कि बच्चों की समझ, अभिव्यक्ति और तार्किक क्षमता का विकास करना है।
जानकारी दी गई कि प्रखंड के कुल 111 प्राथमिक, उत्क्रमित एवं मध्य विद्यालयों को इस समर कैंप से जोड़ा गया है। सभी विद्यालयों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिदिन गतिविधि आधारित शिक्षण कार्य संचालित किए जाएंगे। विशेष रूप से भाषा और गणित विषय पर फोकस किया जाएगा, ताकि बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षता को मजबूत किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि समर कैंप के संचालन में स्वयंसेवकों की अहम भूमिका होगी। दसवीं एवं ग्यारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा गया है, जो छोटे बच्चों को भाषा एवं गणित की बुनियादी जानकारी सरल और रोचक तरीके से उपलब्ध कराएंगे। इससे न केवल छोटे बच्चों को लाभ मिलेगा, बल्कि स्वयंसेवकों में भी नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी।


बीईओ रामजन्म सिंह ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल कक्षा आधारित पढ़ाई पर्याप्त नहीं है। खेल, गतिविधि और सहभागिता आधारित शिक्षण से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है। उन्होंने सभी टोला सेवकों एवं स्वयंसेवकों से समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि समर कैंप को सफल बनाने में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
बैठक के दौरान समर कैंप के संचालन, दैनिक गतिविधियों, उपस्थिति, शिक्षण सामग्री के उपयोग तथा बच्चों के मूल्यांकन संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित कर्मियों एवं स्वयंसेवकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
मौके पर प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार सिंह, राजकुमार राय, टोला सेवक रितेश कुमार मांझी, पवन कुमार बैठा, विजय कुमार बैठा, दिलीप कुमार रजक, पप्पू साफी, रामकुमार माझी, कपिल देव रजक, अर्जुन साद, पूनम कुमारी, सविता कुमारी, तलत फातिमा, इरफान परवीन, कर्पूरी सदा, सृजन सदा, मुरारी सदा समेत बड़ी संख्या में टोला सेवक, तालीमी मरकज कर्मी एवं स्वयंसेवक उपस्थित थे। बैठक में सभी ने समर कैंप को सफल बनाने तथा बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।


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