व्हाट्सएप से जुड़ने को क्लीक करें
Samastipur News : समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर के स्नातकोत्तर हिन्दी एवं अंग्रेजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को गुरुदेव Rabindranath Tagore के जीवन-दर्शन पर आधारित बौद्धिक विमर्श का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार शशि ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य ने कहा कि टैगोर ने भारत को विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया। उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और पूर्ण समर्पण आवश्यक है। टैगोर के विचार “यदि हम केवल पानी को देखते रहें तो नदी को पार नहीं कर सकते” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिना संघर्ष के सफलता संभव नहीं है।


हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. महेश कुमार चौधरी ने कहा कि प्रथम भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर जैसे महापुरुष विरले ही जन्म लेते हैं। उनकी अमर कृति Gitanjali में मानवता, समरसता और सहिष्णुता जैसे उच्च मानवीय मूल्यों का अद्भुत समावेश है। उन्होंने कहा कि टैगोर के विचार कालजयी और अनुकरणीय हैं।
अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. उमा शंकर साह ने कहा कि टैगोर की साहित्यिक कृतियां प्राकृतिक सौंदर्य, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का आईना हैं। भारतीय सभ्यता और संस्कृति में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
कार्यक्रम में डॉ. देवकांत, डॉ. अपराजिता राय, डॉ. रविश कुमार, डॉ. श्वेता दुबे, डॉ. चांदनी रानी, डॉ. खुर्शीद आलम, डॉ. विश्वनाथ साह, डॉ. सर्वेश कुमार, योगेंद्र राय, नथुनी यादव और रौशन कुमार सहित अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




*गर्मी में लू से बचाव को दी गई बच्चों को जानकारी – Doorbeen News*





