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Samastipur News | जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा के निर्देश पर सोमवार को व्यापक ‘पुनः जांच’ अभियान चलाया गया। इसके तहत जिले के 102 स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/APHC) का औचक निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी:
जिला प्रशासन ने निरीक्षण के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। परियोजना पदाधिकारी-सह-निदेशक आशुतोष आनंद भागिरथपुर और परतापुर उपकेंद्रों की जांच कर रहे हैं। वहीं जिला कल्याण पदाधिकारी को सरायरंजन और उजियारपुर के केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है।


वरीय उप समाहर्ता पुष्पिता झा और संदीप झा क्रमशः बासुदेवपुर, भागिरथपुर और आयुर्वेदिक औषधालय की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ और अंचल अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में जांच में जुटे हैं।
इन बिंदुओं पर हो रही जांच:-
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, पेयजल-बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं, साफ-सफाई और चिकित्सा उपकरणों की स्थिति की गहन जांच करें।


2 बजे तक देनी होगी रिपोर्ट:-
सभी जांच अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी रिपोर्ट दोपहर 2 बजे तक समाहरणालय में जमा करें, ताकि स्थिति का त्वरित आकलन कर आगे की कार्रवाई की जा सके।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई:-
डीएम ने साफ कहा है कि यह 23 अप्रैल को हुई जांच के बाद की फॉलो-अप कार्रवाई है। इसका उद्देश्य सुधार की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। यदि कहीं लापरवाही पाई गई तो संबंधित कर्मियों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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