बलिराजगढ़ उत्खनन कार्य प्रगति का जिलाधिकारी ने वर्चुअल माध्यम से की समीक्षा बैठक

व्हाट्सएप से जुड़ने को क्लीक करें

मधुबनी : जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा शनिवार को वर्चुअल माध्यम से बलिराजगढ़ उत्खनन कार्य के प्रगति की समीक्षा की गयी। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को कई आवश्यक निदेश दिया गया।

विदित हो कि 175 एकड़ क्षेत्र में फैला बलिराजगढ़ बिहार का सबसे बड़ा पुरातात्विक स्थल है। जिसके उत्खनन से कई ऐतिहासिक इतिहास से पर्दा उठने की संभावना है। बाबूबरही प्रखंड के भूपट्टी और पचरुखी पंचायत की सीमा में फैला यह विशाल पुरातात्विक स्थल कई अनसुलझे प्रश्नों को अपने भीतर समेटे हुए है। वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा यहां वैज्ञानिक पद्धति से चरणबद्ध उत्खनन कार्य किया जा रहा है।

जिससे मिथिला की प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक वैभव से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है। बलिराजगढ़ को एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है। यहां जारी नई खुदाई से न केवल ऐतिहासिक तथ्यों का अनावरण होगा, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलने की संभावना है।

*24 अप्रैल को होगा विधानसभा का विशेष सत्र, मुख्यमंत्री पेश करेंगे विशेष प्रस्ताव – Doorbeen News*

24 अप्रैल को होगा विधानसभा का विशेष सत्र, मुख्यमंत्री पेश करेंगे विशेष प्रस्ताव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *