कल्याणपुर में 8वें ‘पोषण पखवाड़ा’ के तहत भव्य पोषण मेले का आयोजन

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कल्याणपुर, समस्तीपुर | कल्याणपुर प्रखंड बाल विकास परियोजना कार्यालय परिसर में 8वें पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत एक भव्य पोषण मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समुदाय को पोषण के प्रति जागरूक करना और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक जानकारी साझा करना रहा।
​प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

​मुख्य अतिथि: जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा, समस्तीपुर। ​विशिष्ट अतिथि: उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, समस्तीपुर एवं अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार। विशेष उपस्थिति: जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS)  पुनीता, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO)। प्रखंड प्रमुख (कल्याणपुर), उप प्रमुख, जिला परिषद भाग संख्या-1 श्री रवि रौशन कुमार एवं क्षेत्र के सभी सम्मानित मुखिया गण।

कार्यक्रम का संचालन एवं भागीदारी
​यह पूरा कार्यक्रम श्रीमती उर्वशी (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, कल्याणपुर) की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पूजा भारती, विभा, अंशु सहित सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं (LS) और आंगनबाड़ी सेविका संघ की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा जी समेत 200 से अधिक सेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

पोषण पखवाड़ा (9-23 अप्रैल 2026) के मुख्य बिंदु
​कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि इस वर्ष का पोषण पखवाड़ा विशेष रूप से मस्तिष्क विकास और प्रारंभिक शिक्षा पर केंद्रित है। इसके 5 मुख्य थीम निम्नलिखित हैं:
​मस्तिष्क विकास: जीवन के प्रथम 6 वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास सुनिश्चित करना।

​प्रारंभिक उत्तेजना: 0-3 वर्ष के बच्चों के मस्तिष्क विकास के लिए प्रारंभिक सक्रियता (Early Stimulation) पर जोर।
​स्क्रीन टाइम में कमी: बच्चों में मोबाइल/टीवी (स्क्रीन टाइम) कम करने में माता-पिता और समुदाय की सक्रिय भूमिका।
​खेल-आधारित शिक्षा: 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-खेल में शिक्षा (Play-based learning) को बढ़ावा देना।
​सामुदायिक समर्थन: आंगनबाड़ियों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए व्यापक सामुदायिक समर्थन प्राप्त करना।

​अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि “कुपोषण मुक्त समाज” के निर्माण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मेले में विभिन्न स्टालों के माध्यम से पौष्टिक आहार और बच्चों के सही पालन-पोषण के तरीकों का प्रदर्शन भी किया गया।

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