समस्तीपुर में पहली बार निकली निशान यात्रा संग सिगड़ी निशान यात्रा

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Doorbeen News Desk: समस्तीपुर। खाटू श्याम मंदिर में चल रहे तीन दिवसीय 59वां श्री श्याम महोत्सव शनिवार के दूसरे दिन श्याम निशान यात्रा निकाली गयी। इसमें पहली बार सिगड़ी निशान यात्रा भी शामिल था, जो शहर के लोगों में आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्याम निशान यात्रा में एक हजार से अधिक महिला और पुरुषों के साथ बच्चों की टोली भी शामिल थी।

जबकि 21 महिला और पुरुष सिगड़ी निशान लेकर चल रहे थे। यह यात्रा शहर में जिधर से भी निकली देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। पुलिस के महिला और पुरुष जवान भी विधि व्यवस्था और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के लिए निशान शोभायात्रा के साथ चल रहे थे।

खाटू श्याम बिहारी मंदिर से निकली निशान सह सिगड़ी शोभायात्रा मारवाड़ी बाजार, स्टेशन रोड, रामबाबू चौक, पुरानी पोस्टऑफिस रोड, चीनी मिल, नीम गली चौक, गोला रोड होते हुए मंदिर में पहुंच समाप्त हुई। रास्ते में छत से श्रद्धालुओं ने फूलों की बारिश कर निशान यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया जबकि मारवाड़ी बाजार में युगुलकिशोर पोद्दार, स्टेशन रोड में ओम पालीवाल, पुरानी पोस्टऑफिस रोड में आनंद खेमका, राजेश अग्रवाल, रवि सिंघानिया आदि ने निशान यात्रा में शामिल लोगों के लिए ठंडा पानी, शर्बत व आम के जूस की व्यवस्था की थी।

निशान शोभायात्रा में सबसे आगे प्रचार वाहन चल रहा था वही दो बैंड पार्टी भक्ति गीत पर लोगों को झूमा रहे थे। सूरजगढ़ से आये निशान लिए लोग बाबा श्याम के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। वही श्याम बाबा भी सजे धजे रथ पर सवार थे। जुलूस का नेतृत्व सुनील अग्रवाल, निर्मल केडिया, नयन सर्राफ, दीपू मोदी, विजय मोर आदि कर रहे थे जबकि सदर एसडीएम दिलीप कुमार, सदर एसडीपीओ व एएसपी संजय कुमार पांडेय विधि व्यवस्था की खुद निगरानी करने में जुटे हुए थे।

शोभायात्रा में मेयर अनिता राम, समाजसेवी मनोज जायसवाल व राहुल कुमार भी प्रमुख रूप से शामिल थे। श्याम निशान और सिगड़ी निशान यात्रा से शहर का वातावरण दिनभर श्याममय बना रहा। शोभायात्रा समाप्त होने के बाद भजन गायिका राजस्थान अलवर की जस्सी सैनी, सूरजगढ़ के संजय सेन, योगेश शर्मा व कानपुर के श्रेष्ठ दीक्षित आदि कलाकारों ने शाम 5 बजे से भजन का कार्यक्रम शुरू किया जो सुबह 5 बजे समाप्त होगा।

आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी भोला अग्रवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम का समापन 30 मार्च को महाभण्डारे के साथ होगा। इस दिन फूलों की होली खेलने के साथ इत्र वर्षा, चंग धमाल भी होगा। वहीं कलाकारों की टोली भक्ति गीतों की प्रस्तुति के भाव नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
क्या है सिगड़ी निशान यात्रा
राजस्थान के सूरजगढ़ से सिगड़ी निशान आता है। एक विशेष प्रकार से बने बक्से में लौ जलती रहती है। जिसे महिला और पुरुष श्रद्धालु सिर पर लेकर चलते है। समस्तीपुर और आसपास के इलाकों में इससे पहले सिगड़ी निशान यात्रा नहीं निकली थी।

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