मेजर रामशंकर चौधरी को राज्यपाल के हाथों मिलेगा शौर्य पुरस्कार

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मेजर रामशंकर चौधरी को राज्यपाल के हाथों मिलेगा शौर्य पुरस्कार

Doorbeen News Desk: समस्तीपुर स्थानीय बाजार समिति स्थित विकासनगर निवासी सेवानिवृत्त सुबेदार सुरेन्द्र प्रसाद चौधरी के पुत्र मेजर राम शंकर चौधरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल के हाथों शौर्य पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। इस बाबत इन्टीग्रेटेड हेडक्वाटर्स ऑफ एमओडी (आर्मी) एडजुटेन्ट जनरल्स ब्रांच, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर डायरेक्टोरेट, सीडब्लू-2 साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली से उन्हें शौर्य पुरस्कार के लिये नामित किया गया है।

बता दें कि मेजर राम शंकर चौधरी फिलहाल बड़ोदरा में इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग के रूप में कार्यरत हैं।
भारतीय सेना की कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) के मेजर राम शंकर चौधरी को अक्टूबर 2023 में सिक्किम में आई विनाशकारी तीस्ता बाढ़ के दौरान उनके उत्कृष्ट साहस, तकनीकी कौशल और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रतिष्ठित ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ (Mention-in-Despatches) से सम्मानित किया गया है।

घटना का विवरण: 3 अक्टूबर 2023 की मध्यरात्रि को उत्तरी सिक्किम में दक्षिण ल्होनक झील के फटने (GLOF) के कारण तीस्ता नदी में अचानक प्रलयंकारी बाढ़ आ गई। इस आपदा ने सिंगताम और आस-पास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई। संचार व्यवस्था ठप होने और बुनियादी ढांचे के ढहने के बावजूद, मेजर राम शंकर चौधरी ने स्वेच्छा से अत्यंत जोखिम भरे बचाव अभियान का नेतृत्व किया।

अदम्य वीरता और जीवन रक्षा: बचाव अभियान के दौरान, मेजर चौधरी की टीम ने सिंगताम के तट पर एक ढहती हुई इमारत की पहचान की, जो नदी के उग्र प्रवाह के ऊपर असुरक्षित रूप से लटकी हुई थी। इसके भीतर एक महिला और उनका बच्चा फंसे हुए थे। इमारत की स्थिति अत्यंत नाजुक थी और किसी भी समय नदी में समा सकती थी।
​मेजर चौधरी ने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को ताक पर रखते हुए स्वयं उस अस्थिर ढांचे में प्रवेश किया। एक इंजीनियर की सटीकता और एक सैनिक के अदम्य साहस के साथ, उन्होंने फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। उनके सुरक्षित स्थान पर पहुँचने के मात्र कुछ ही क्षणों बाद, वह पूरी इमारत नदी के वेग में बह गई।

​नेतृत्व और समर्पण:
बचाव के उपरांत भी, मेजर चौधरी ने निरंतर अगले कई दिनों तक ग्राउंड जीरो पर रहकर निकासी कार्यों और जटिल सैन्य रसद (logistics) का प्रबंधन किया। उनके परिपक्व नेतृत्व के कारण दर्जनों नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा सका।
​पृष्ठभूमि:
बिहार के समस्तीपुर जिले के निवासी, मेजर राम शंकर चौधरी 2016 में भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून से कमीशन प्राप्त कर सेना में शामिल हुए थे। उन्होंने लद्दाख जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
​राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान मेजर चौधरी की कर्तव्यपरायणता और ‘सेवा परमो धर्म:’ के सैन्य आदर्श वाक्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।


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