डीआरडीए को बंद करने का था आदेश, कर्मचारियों को करना था दूसरे विभाग में समायोजन, 5 माह से नहीं मिल रहा वेतन

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 डीआरडीए को बंद करने का था आदेश, कर्मचारियों को करना था दूसरे विभाग में समायोजन, 5 माह से नहीं मिल रहा वेतन

Doorbeen News Desk:जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) में कार्यरत कर्मी गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। विगत पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण कर्मियों के समक्ष परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, इलाज एवं दैनिक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है। बिना वेतन के 5 महीना से कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनकी आर्थिक स्थिति लचर हो गई है।

स्थिति और भी चिंताजनक इस कारण है कि वर्ष 2017 के पश्चात आज तक डीआरडीए कर्मियों के मानदेय में किसी प्रकार की कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। कर्मियों का कहना है कि वर्षों से एक ही दर पर मानदेय मिलने और अब कई महीनों से भुगतान बंद होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गई है। कई कर्मी कर्ज लेकर घर चला रहे हैं, तो कुछ के सामने गंभीर पारिवारिक संकट उत्पन हो गया है। समस्तीपुर डीआरडीए में लगभग एक दर्जन कर्मचारी काम कर रहे हैं। राज्य में डीआरडीए के लगभग ढाई सौ कर्मी है, जिनका वेतन भुगतान नहीं हो सकता है।

-: डीआरडीए को बंद करने का था निर्देश, कर्मचारियों को करना था समायोजन:-विदित हो कि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के पत्रांक 372742 दिनांक 01 नवंबर 2021 के आलोक में डीआरडीए को 01 अप्रैल 2022 से बंद कर दिया गया था तथा कर्मियों के समायोजन का निर्देश दिया गया था। बंद होने से पूर्व डीआरडीए में कार्यरत कर्मियों एवं पदाधिकारियों का वेतन एवं मानदेय डीआरडीए प्रशासन योजना मद से किया जाता था। बाद में ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 460960 दिनांक 24 मार्च 2020 के तहत वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पीएमएवाई-जी, एसजीएसवाई आईएवाई, एवं मनरेगा योजनाओं के आकस्मिकता मद से दिया गया।

-:एसएनए-स्पर्श लागू होने के कारण बीआरडीएस द्वारा योजनागत मद से भुगतान संभव नहीं:-विभागीय आदेश ज्ञापांक भुगतान का निर्देश (अनुबंध) को छोड़कर अन्य के तहत डीआरडीए कर्मी पदाधिकारियों के वेतन भुगतान की व्यवस्था बजट शीर्ष 2515 से कर दी गई, जिससे अनुबंध कर्मी भुगतान से वंचित रह गए। एसएनए-स्पर्श लागू होने के कारण बिहार ग्रामीण विकास सोसायटी (बीआरडीएस) द्वारा योजनागत मद से भुगतान संभव नहीं होने की जानकारी दी गई है। वर्तमान में डीआरडीए में कर्मी परेशान हैं। प्रशासी विभाग ने बजट शीर्ष 2515 के मद 28 (02) व्यवसायिक सेवाएं (संविदा) के अंतर्गत मानदेय भुगतान की स्वीकृति हेतु वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था।

“डीआरडीए के कर्मियों का मानदेय स्वीकृत किया जा चुका है। विभागीय आवंटन के बाद भुगतान किया जाएगा। अभी आवंटन नहीं आ सका है। इसलिए कर्मियों का वेतन भुगतान लंबित है।

– आशुतोष आनंद, डायरेक्टर, डीआरडीए, समस्तीपुर

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