शिवाजीनगर में गुड गवर्नेंस पर संगोष्ठी, किसानों को कृषि नवाचार व वैज्ञानिक तकनीकों की दी गई जानकारी

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शिवाजीनगर में गुड गवर्नेंस पर संगोष्ठी, किसानों को कृषि नवाचार व वैज्ञानिक तकनीकों की दी गई जानकारी

Doorbeen News Desk: समस्तीपुर जिले के शिवाजीनगर प्रखंड मुख्यालय स्थित मनरेगा भवन सभागार में गुरुवार को गुड गवर्नेंस विषय पर जय-जवान, जय-किसान, जय-विज्ञान, जय-अनुसंधान शीर्षक से एक दिवसीय संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचार, कृषक हितार्थ राज्य सरकार की योजनाओं, वैज्ञानिक प्रयासों तथा किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक तकनीक एवं प्रणालियों की जानकारी देना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख डॉक्टर गोविंद कुमार ने की। जबकि कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख एवं बीएओ सतीश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक तकनीकी प्रबंधक अमरदीप शर्मा ने किया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कृषि में लगातार हो रहे अनुसंधान का ही परिणाम है कि आज की खेती किसानों के लिए अधिक सरल, सहज, कम लागत वाली तथा अधिक उत्पादन एवं मुनाफा देने वाली बनती जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में हाइब्रिड बीजों का प्रयोग, ड्रोन तकनीक के माध्यम से कीटनाशक एवं तरल उर्वरक का छिड़काव, जुताई में रोटावेटर एवं लेजर लेवलर का उपयोग, फसल कटाई में रीपर कम बाइंडर मशीन, सीड ड्रिल कम फर्टिलाइजर मशीन से एक साथ बीज एवं खाद की बुआई तथा वैज्ञानिक तरीके से तैयार वर्मीकंपोस्ट का प्रयोग किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

ये सभी सुविधाएं उत्कृष्ट विज्ञान एवं निरंतर अनुसंधान का ही प्रतिफल हैं।संगोष्ठी के दौरान किसानों द्वारा खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं जिज्ञासाओं को रखा गया, जिनका समाधान जनप्रतिनिधियों एवं कृषि पदाधिकारियों द्वारा विस्तार से किया गया। इससे किसानों में संतोष एवं उत्साह देखने को मिला। जनप्रतिनिधियों ने किसानों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कृषि समन्वयक मणिकांत चौधरी, कैलाश साहनी, पुरुषोत्तम कुमार, राकेश कुमार, पुष्पेश शुभ्रांशु के साथ किसान सलाहकार संजय कुमार, रमाकांत रमण, मुकेश कुमार सहित सैकड़ों प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने इस तरह के आयोजनों को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।

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