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कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान के तत्वावधान में कुसुम सदन में काव्य गोष्ठी का आयोजन
Doorbeen News Desk : कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान के तत्वावधान में केन्द्रीय विद्यालय समस्तीपुर के निकट स्थित कुसुम सदन के प्रागंण में दिनांक 31अगस्त 2025 रविवार के दिन एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दूर से बड़ी संख्या में रचनाकार उपस्थित हुए। डॉ रामेश गौरीश ने उपस्थित सभी रचनाकारों का हार्दिक स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ राम पुनीत ठाकुर तरुण तथा संचालन प्रवीण कुमार चुन्नू ने किया। रेल के पूर्व राजभाषा अधिकारी भुवनेश्वर मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप मे विराजमान रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार पाण्डेय ने अगस्त महिने में उत्पन्न हिन्दी साहित्य के आधार स्तम्भ आचार्य शिवपूजन सहाय, गोपाल सिंह नेपाली,हंस कुमार तिवारी, रामेश्वर सिंह कश्यप लोहा सिंह आरसी प्रसाद सिंह,गिरीजा कुमार माथुर,पं राम दयाल पाण्डेय, डॉ राजेन्द्र किशोर, मैथिली शरण गुप्त,

हजारी प्रसाद द्विवेदी, भगवती चरण वर्मा, अमृता प्रीतम, हरिशंकर परसाई, भीष्म साहनी, डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल , त्रिलोचन शास्त्री, सुभद्रा कुमारी चौहान के कृतित्व तथा व्यक्तित्व पर विशद चर्चा करते हुए उनके प्रति भावभीनी श्रद्धा सुमन अर्पित किया। राष्ट्र के वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी मदन लाल धींगरा, राजगुरु,राज कुमार शुक्ल, महर्षि अरविन्द घोष, के प्रति भी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। गोष्ठी का प्रारंभ डॉ राम सूरत प्रियदर्शी द्वारा मां सरस्वती की आराधना से किया गया ।

देश प्रेम ग़ज़ल हास्य व्यंग भजन रोमांटिक एवं पर्यावरण संबंधी रचनाओं सहित भोजपुरी के गीत और बज्जिका की रचनाएं आकर्षण के केंद्र रहीं। कार्यक्रम के मध्य में डॉ परमानन्द लाभ की नवीनतम कृति जीवित्पुत्रिका का समवेत रुप से लोकार्पण किया गया।
डॉ राम सूरत प्रियदर्शी,, शिवेंद्र कुमार पाण्डेय, रामाश्रय राय राकेश, राजकुमार राय राजेश, विष्णु कुमार केडिया,प्रवीण कुमार चुन्नू,
दीपक कुमार श्रीवास्तव, आचार्य परमानंद प्रभाकर, , आचार्य गंगा प्रसाद आजाद सतमलपुरी, राम लखन यादव, डॉ परमानंद लाभ, भुवनेश्वर मिश्र, नरेंद्र कुमार सिंह त्यागी, राज कुमार चौधरी , , स्मृति झा, विनोद विनित, दिनेश प्रसाद, डॉ राम पुनीत ठाकुर तरुण, डॉ उमाशंकर विद्यार्थी, आफताब समस्तीपुरी ,नकी समस्तीपुरी,त्रियोगी नारायण सिंह, डॉ सुनील चम्पारणी आदि की रचनाएं खूब पसंद की गई । समापन आयुष्मान प्रकाश द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से की गई।






