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कर्पूरीग्राम रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प, समावेशी, स्मार्ट और हरित स्टेशन की ओर एक सशक्त कदम
दूरबीन न्यूज डेस्क। भारतीय रेलवे द्वारा देशभर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की दिशा में चल रही पहल के अंतर्गत सोनपुर मंडल का कर्पूरीग्राम रेलवे स्टेशन अब एक स्मार्ट, समावेशी और हरित स्टेशन के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। यह स्टेशन स्वतंत्रता सेनानी, भारत रत्न एवं जननायक स्व. श्री कर्पूरी ठाकुर जी के नाम पर स्थापित है, और अब ₹18.33 करोड़ की लागत से हो रहे विकास कार्यों के साथ सामाजिक समरसता, यात्री सुविधा और पर्यावरणीय संतुलन का प्रतीक बन रहा है।
प्रमुख विकास कार्य (लागत सहित):
दिव्यांगजनों हेतु समावेशी संरचना | ₹6.66 करोड़ | रैंप, ब्रेल साइनेज, विशेष टॉयलेट, व्हीलचेयर अनुकूल ढांचा (सोनपुर मंडल के सभी स्टेशनों सहित कर्पूरीग्राम) |
डिजिटल निगरानी प्रणाली | ₹1.00 करोड़ | IP आधारित CCTV कैमरे माल शेड व पार्सल कार्यालय में
नया फुट ओवर ब्रिज (FOB) | ₹4.57 करोड़ | 3 मीटर चौड़ा आधुनिक पुल (नवगछिया, बरौनी, सेमापुर, कुरसेला, कर्पूरीग्राम सहित) |
एप्रोच रोड का चौड़ीकरण व मरम्मत | ₹4.57 करोड़ | स्टेशन से जुड़ने वाले मार्गों का सुदृढ़ीकरण |
सौर स्ट्रीट लाइट्स | ₹7.92 करोड़ | माल शेड, घाट व एप्रोच रोड क्षेत्रों में सोलर लाइट्स

एलईडी प्रकाश व्यवस्था का उन्नयन | ₹3.05 करोड़ | ऊर्जा दक्षता और बेहतर रोशनी हेतु |
यात्री फर्नीचर | ₹9.99 लाख | बेहतर प्रतीक्षालय अनुभव हेतु उन्नत फर्नीचर |
स्टेशन पुनर्विकास (अमृत भारत योजना के अनुरूप) | ₹3.33 करोड़ | स्टेशन की संरचना, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधा का उन्नयन |
RUB कार्य (रेल अंडर ब्रिज) | ₹15.00 करोड़ | यातायात सुगमता और सुरक्षा हेतु |
माल शेड क्षेत्र में एलईडी लाइट्स | शामिल | कार्यक्षमता और सुरक्षा में वृद्धि |

कर्पूरीग्राम स्टेशन पर Open Air Waiting Hall (OAWH) की स्थापना की जा रही है, जो परंपरागत प्रतीक्षालयों से भिन्न है और यात्रियों को खुला, आरामदायक एवं सुविधाजनक वातावरण प्रदान करता है।
मुख्य विशेषताएं:
– 100 यात्रियों के लिए आरामदायक बेंच
– इंटरनेट आधारित ट्रेन सूचना बोर्ड
– खानपान स्टॉल
– शुद्ध पेयजल की सुविधा
– स्वच्छ शौचालय
– चार्जिंग पॉइंट, इलेक्ट्रिक पंखे एवं पर्याप्त रोशनी
परियोजना के उद्देश्य:
– स्टेशन को स्मार्ट, स्वच्छ और सुरक्षित बनाना
– दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए समावेशी संरचना
– यात्री सुविधाओं में सुगमता और आधुनिकता लाना
– हरित ऊर्जा के प्रयोग से पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा देना
– डिजिटल सुरक्षा के माध्यम से स्टेशन को और अधिक सुरक्षित बनाना
स्थानीय एवं राष्ट्रीय महत्व:
यह परियोजना केवल एक स्टेशन के ढांचागत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आसपास के गांवों, कस्बों और बाजारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बन रही है। इससे स्थानीय रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बल मिलेगा।
यह पहल “विकसित भारत @2047” और “ग्रीन इंडिया” जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों की दिशा में एक सशक्त और सकारात्मक कदम है। कर्पूरीग्राम रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अमृत काल की विकास गाथा का एक जीवंत उदाहरण है, जो आने वाले समय में यात्रियों को सुविधा, सुरक्षा और सम्मान का अनुभव कराएगा।






