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मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु भारतीय रेलवे और आईआईटी पटना के बीच तकनीकी सहयोग
दूरबीन न्यूज डेस्क। मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मानसून के दौरान लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु पूर्व मध्य रेलवे, सोनपुर मंडल द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस दिशा में भारतीय रेलवे ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग से तकनीकी सहयोग प्राप्त करने का निर्णय लिया है।
रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रारंभिक दस्तावेजों और छवियों की समीक्षा के उपरांत, आईआईटी पटना के सहायक प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने यह स्पष्ट किया कि जलनिकासी की सटीक स्थिति जानने हेतु निम्नलिखित तकनीकी जानकारियाँ आवश्यक हैं:
– सभी जलनिकासी शाखाओं के इन्वर्ट लेवल (समुद्र तल से ऊँचाई)
– नालों की ढाल (स्लोप)
– जलनिकासी क्षमता
– वर्तमान जलनिकासी दक्षता
– स्टेशन परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों की ऊँचाई (RL)
– स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत निर्मासी संरचना

उक्त जानकारी नगर निगम से प्राप्त की जा रही है। साथ ही, रेलवे ने आईआईटी पटना से इस कार्य को एक प्रायोजित परियोजना के रूप में लेने का अनुरोध किया है। इसके लिए ₹40.52 लाख की अनुमानित लागत का विस्तृत बजट प्रस्तुत किया गया है, जिसमें मानव संसाधन, सॉफ्टवेयर, उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह डेटा, यात्रा व्यय, और अन्य तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था शामिल है।
???? *मुंबई जैसे स्थानों में, जहाँ भूमि की अत्यधिक कमी है, वहाँ जलभराव की समस्या से निपटने के लिए माइक्रो टनलिंग तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है। यह तकनीक बिना सतह को बाधित किए भूमिगत जलनिकासी सुरंगों के निर्माण की सुविधा देती है।*

*मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी इसी प्रकार की उन्नत तकनीकों के उपयोग की संभावना पर विचार किया जा रहा है, ताकि जलभराव की समस्या का दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।*
???? भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा, संरचना के सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन हेतु प्रतिबद्ध है।







